नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Finance minister Nirmala Sitharaman) ने गुरुवार को कहा कि जीएसटी (GST) मुआवजे को अनावश्यक रूप से मुद्दा बनाकर विपक्ष राजनीति करना चाहता है। वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच अविश्वास का माहौल पैदा करने के लिए उनकी ही (संप्रग) पूर्व की सरकार दोषी है। खासतौर से विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों के आरोपों का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि पूर्व सरकार ने केंद्रीय बिक्री कर के मुआवजे को लेकर अपना वादा नहीं निभाया, जिससे अविश्वास का माहौल पैदा हुआ। इन राज्यों का आरोप है कि राज्यों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजा का भुगतान करने के संबंध में केंद्र सरकार अपनी प्रतिबद्धता से मुकर गई।

GST Meeting

उन्होंने कहा कि इस अविश्वास के चलते शुरुआत में जीएसटी लागू करने में कठिनाई आई। जीएसटी मुआवजे के मसले को लेकर जीएसटी परिषद की करीब पांच घंटे तक बैठक चली। बैठक के बाद सीतारमण ने कहा, “लेकिन मैं राज्यों का शुक्रगुजार हूं कि आज जीएसटी परिषद की बैठक में उन्होंने मुआवजे को लेकर किसी प्रकार की राजनीति करने की कोशिश नहीं की। मौजूदा हालात को लेकर उनकी चिंता थी और मुआवजे की समस्या का समाधान चाहते थे।”

GST Meeting

सीतारमण को बुधवार को सख्त लहजे में लिखे पत्र में पश्चिम बंगाल के वित्तमंत्री अमित मित्रा ने कहा, “लगता है हमारी आशंका अब सच साबित होने जा रही है। हैरानी की बात यह है कि राज्यों को दी गई संवैधानिक गारंटी की व्याख्या इस तरह से की जा रही है कि राज्यों को मुआवजा देना केंद्र का दायित्व नहीं है।”

जीएसटी परिषद की 41वीं बैठक में यह तय हुआ कि जीएसटी मुआवजे को लेकर केंद्र सरकार द्वारा दिए गए दो विकल्पों पर राज्य अपनी राय देंगे।

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