शराब नीति मामले में आरोप मुक्त होने के बाद आम आदमी पार्टी की बड़ी रणनीति, 1 मार्च को जंतर-मंतर पर ‘महारैली’

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नई दिल्ली. दिल्ली आबकारी नीति मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के केस से आरोप मुक्त होने के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने अपनी भविष्य की राजनीतिक रणनीति स्पष्ट कर दी है। अदालत के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है और पार्टी ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर भुनाने की पूरी तैयारी कर ली है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस फैसले को सत्य की जीत बताया है। इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी 1 मार्च 2026 को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल महारैली का आयोजन करने जा रही है। इस रैली के माध्यम से पार्टी न केवल अपनी बेगुनाही का संदेश जनता तक पहुंचाएगी, बल्कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ भी कड़ा विरोध दर्ज कराएगी।

  • 1 मार्च को जंतर-मंतर पर होने वाली महारैली में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित पार्टी के सभी शीर्ष नेता शामिल होंगे।
  • इस महारैली में मोहल्ला क्लीनिक से हटाए गए डॉक्टर, नर्स और नौकरी गंवाने वाले लगभग 10000 बस मार्शल अपनी वर्दी में हिस्सा लेंगे।
  • अरविंद केजरीवाल ने अदालत से राहत मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल्ली में तुरंत चुनाव कराने की सीधी चुनौती दी है और दावा किया है कि यदि भाजपा 10 सीटें भी जीतती है, तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
  • आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के अनुसार, अरविंद केजरीवाल अब राष्ट्रीय राजनीति में कहीं अधिक सक्रिय और बड़ी भूमिका निभाते नजर आएंगे।
  • पार्टी ने 21 फरवरी से ही शहर भर में मंडल स्तर पर 50 से 60 सभाएं शुरू कर दी हैं और अब अदालत के इस फैसले को घर-घर तक ले जाने का अभियान चलाया जाएगा।

राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा दिए गए इस फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल काफी भावुक नजर आए और उन्होंने स्पष्ट किया कि उन पर लगाए गए भ्रष्टाचार के सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद थे। पार्टी नेताओं का मानना है कि इस फैसले से अरविंद केजरीवाल की छवि और अधिक मजबूत हुई है। आम आदमी पार्टी अब इस मुद्दे को आगामी राजनीतिक अभियानों का मुख्य आधार बनाएगी। जेल से बाहर आने और अदालत से क्लीन चिट मिलने के बाद यह स्पष्ट है कि केजरीवाल अपना पूरा ध्यान पार्टी के राष्ट्रीय विस्तार और संगठन को मजबूत करने पर केंद्रित करेंगे। जंतर-मंतर पर होने वाली यह महारैली इसी व्यापक अभियान का पहला और सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन मानी जा रही है, जहां पार्टी अपने समर्थकों और प्रभावित कर्मचारियों के अधिकारों के लिए सड़क पर उतरेगी।