छत्तीसगढ़ विधानसभा: सड़क हादसों पर अपनों के घेरे में घिरे मंत्री केदार कश्यप, अजय चंद्राकर ने उठाए तीखे सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सड़क हादसों के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के ही विधायकों ने अपनी सरकार के मंत्री को जमकर घेरा। विशेष रूप से बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर और सुनील सोनी ने परिवहन मंत्री केदार कश्यप के जवाबों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

  • सुनील सोनी के सवाल: रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सड़क हादसों में देश के टॉप-10 राज्यों में शामिल हो गया है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार के पास इन मौतों को रोकने के लिए कोई ठोस मास्टर प्लान है?
  • मंत्री का जवाब: परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि देश में होने वाले करीब 4.50 लाख हादसों में से छत्तीसगढ़ में लगभग 6,800 हादसे होते हैं, जिनमें 3,000 के करीब मौतें होती हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर को ‘जीरो फेटालिटी’ कैटेगरी में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
  • अजय चंद्राकर की नाराजगी: कुरूद विधायक अजय चंद्राकर मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “क्या हम छत्तीसगढ़ को मौत के मुहाने पर खड़ा कर रहे हैं?” चंद्राकर ने ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए मंत्री को चुनौती दी कि वे उनके साथ चलकर वहां के हालात देखें।
  • ब्लैक स्पॉट और पारदर्शिता: बहस के दौरान यह बात सामने आई कि प्रदेश में 167 ‘ब्लैक स्पॉट’ चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 101 को ठीक कर लिया गया है। वहीं, विधायक अनुज शर्मा ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग और पारदर्शिता की मांग की।

सदन में सत्ता पक्ष के ही विधायकों की नाराजगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि सड़क सुरक्षा और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर खुद बीजेपी के भीतर भी असंतोष है। अजय चंद्राकर ने कागजी रणनीति के बजाय धरातल पर काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।