छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के जांजगीर-चांपा ज़िले की बेटी अमिता श्रीवास विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (Mount Everest) फ़तह करने निकल पड़ी हैं। ताज़ा Mount Everest Expedition (माउंट एवरेस्ट एक्सपीडिशन) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, अमिता 9 अप्रैल को काठमांडू के लिए रवाना हो रही हैं। इस बेहद ख़ास अभियान पर जाने से पहले उन्होंने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाक़ात की। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, मुख्यमंत्री ने उनके इस साहसिक क़दम की जमकर सराहना की और उन्हें सफल यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। रोज़ नई ऊंचाइयों को छू रही बेटियों के लिए यह एक बड़ा पल है।
Mount Everest Expedition: मुख्यमंत्री (Chief Minister) का सख़्त संदेश
मुख्यमंत्री साय ने अमिता को प्रोत्साहित करते हुए एक सख़्त और स्पष्ट संदेश दिया कि अगर इंसान का संकल्प मज़बूत हो, तो कोई भी ऊंचाई नामुमकिन नहीं है। उन्होंने इस बात पर अपना पूरा ज़ोर दिया कि यह सिर्फ़ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं की ऊंची उड़ान है। आज के बाज़ार और समाज की रूढ़िवादी सोच के ख़िलाफ़ जाकर प्रदेश की बेटियां ज़्यादा तेज़ रफ़्तार से अपनी अलग पहचान बना रही हैं, जो युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
2021 में माउंट किलिमंजारो (Mount Kilimanjaro) किया था फ़तह
ग़ौरतलब है कि अमिता श्रीवास इससे पहले भी अपनी असीम क्षमता का परिचय दे चुकी हैं। साल 2021 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के ख़ास अवसर पर उन्होंने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को सफलतापूर्वक फ़तह किया था। अमिता का वह सख़्त फ़ैसला आज भी कई लोगों के लिए एक मिसाल है। उनकी पिछली सफलता ने साबित कर दिया था कि वे कठिन परिस्थितियों से लड़ना बहुत अच्छे से जानती हैं।
एवरेस्ट (Everest) पर तिरंगा फहराने का बड़ा लक्ष्य
अब अमिता का अगला और सबसे बड़ा लक्ष्य साल 2026 में माउंट एवरेस्ट के शिखर पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराना है। राज्य सरकार और आम जनता को पूरी उम्मीद है कि अमिता इस ख़तरनाक और तेज़ चढ़ाई को सफलतापूर्वक पार करके पूरे राष्ट्र का गौरव बढ़ाएंगी। प्रदेशवासियों की नज़रें अब उनके इस साहसिक अभियान पर टिकी हैं।
