अनूपशहर। डिजिटल युग में घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से सुविधाएँ प्राप्त करना जितना आसान हो गया है, उतना ही यह खतरनाक भी साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश के अनूपशहर में साइबर ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक दंपत्ति को गूगल पर डॉक्टर का नंबर खोजना बहुत भारी पड़ गया। साइबर अपराधियों ने एक सोची-समझी साज़िश के तहत इस परिवार को अपने जाल में फँसाया और उनके बैंक खाते से अठारह लाख इकसठ हज़ार नौ सौ सत्तर रुपये की बड़ी रकम पार कर दी। यह घटना उन सभी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो गूगल पर मिले कस्टमर केयर या डॉक्टर के नंबरों पर आँख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनूपशहर के मोहल्ला केदार सहाय के रहने वाले एक व्यक्ति की तबीयत खराब थी। इसी कारण पीड़ित ने एक दिसंबर दो हज़ार पच्चीस को इंटरनेट पर गूगल के ज़रिए एक डॉक्टर का नंबर खोजना शुरू किया। सर्च रिज़ल्ट में सामने आए एक नंबर पर जब उन्होंने कॉल किया, तो दूसरी तरफ बात करने वाले शातिर ठग ने खुद को डॉक्टर का करीबी कर्मचारी बताया। उस ठग ने बातों में उलझाकर पीड़ित को यह विश्वास दिलाया कि वह तुरंत ही डॉक्टर से मिलने का समय तय करवा देगा। इसके लिए उसने पीड़ित को एक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने का निर्देश दिया।
अपराधी ने पीड़ित को डॉक्टर अपॉइंटमेंट नामक एक विशेष ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहा। बीमारी से परेशान और जल्द इलाज की आस में दंपत्ति ने बिना किसी संदेह के उस ऐप को अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड कर लिया। जैसे ही ऐप इंस्टॉल हुआ, उसने मोबाइल में कई तरह की अनुमतियां यानी परमिशन मांगी। पीड़ित ने बिना सोचे-समझे सभी परमिशन दे दीं। जाँचकर्ताओं का मानना है कि इन्हीं अनुमतियों का फ़ायदा उठाकर धोखेबाज़ों ने पीड़ित के मोबाइल फोन का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद ठग स्क्रीन पर होने वाली हर गतिविधि पर आसानी से नज़र रखने लगे और उन्हें वन-टाइम पासवर्ड और बैंक से जुड़ी सभी संवेदनशील जानकारियाँ मिलने लगीं।
ठगों ने इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए बहुत ही शातिराना तरीका अपनाया। उन्नीस फरवरी से पच्चीस फरवरी दो हज़ार छब्बीस के बीच पीड़ित के बैंक खाते से बीस अलग-अलग ट्रांज़ेक्शन किए गए। साइबर अपराधियों ने एक ही बार में बड़ी रकम निकालने के बजाय छोटी-छोटी किश्तों में पैसे निकाले, ताकि बैंक से आने वाले संदेशों पर पीड़ित का ध्यान न जाए। धीरे-धीरे करके खाते से लाखों रुपये कट गए और जब तक दंपत्ति को इस भारी धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। फिलहाल, पीड़ित दंपत्ति ने पुलिस में इस पूरे मामले की औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है और प्रशासन द्वारा इस गंभीर साइबर अपराध की जाँच की जा रही है।
