छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग ज़िले में सरकारी नौकरी के नाम पर एक बड़े और सख़्त फ़र्ज़ीवाड़े का ख़ुलासा हुआ है। ताज़ा Atmanand School Fraud (आत्मानंद स्कूल फ़्रॉड) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, भिलाई स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेज़ी माध्यम विद्यालय में फ़र्ज़ी नियुक्ति पत्र के ज़रिए 11 बेरोज़गार युवाओं को ठगने की ख़तरनाक कोशिश की गई। आधिकारिक न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, स्कूल प्राचार्य की सतर्कता और साफ़ सूझबूझ से समय रहते इस पूरे बड़े गिरोह का पर्दाफ़ाश हो गया, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के ख़िलाफ़ सख़्त मामला दर्ज़ कर लिया है।
Atmanand School Fraud: कैसे हुआ इस बड़े फ़र्ज़ीवाड़े का ख़ुलासा?
मिली ताज़ा और सटीक जानकारी के अनुसार, भिलाई के इस स्कूल में एक महिला अभ्यर्थी जॉइनिंग लेटर लेकर पहुंची थी। जब उसने अपना नियुक्ति पत्र स्कूल प्रबंधन को दिखाया, तो उसमें कई सख़्त और संदिग्ध बातें सामने आईं। पत्र में टाइम स्टैम्प बिल्कुल ग़लत था और जिन स्कूलों का साफ़ ज़िक्र किया गया था, वे असल में अस्तित्व में ही नहीं थे। इसी आधार पर प्राचार्य को इन दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता पर भारी संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत इसकी सख़्त शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से कर दी।
डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) का किया गया भारी दुरुपयोग
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात बिल्कुल साफ़ हो गई है कि जालसाज़ों ने दस्तावेज़ों को असली दिखाने के लिए ज़िला शिक्षा कार्यालय दुर्ग के नाम का ज़ोर-शोर से इस्तेमाल किया था। इसमें ज़िला शिक्षा अधिकारी (DEO) के डिजिटल हस्ताक्षर की सख़्त नक़ल और एडीएम (ADM) के स्कैन किए गए हस्ताक्षरों का भारी दुरुपयोग किया गया था। इस कूट रचित साज़िश ने ज़िला प्रशासन को भी पूरी तरह से चौंका दिया है।
पुलिस (Police) कर रही है आरोपियों की तेज़ तलाश
इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए ज़िला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक सख़्त और आधिकारिक शिकायत दर्ज़ कराई है। पुलिस अब पूरे ज़ोर-शोर और तेज़ रफ़्तार के साथ इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस ख़तरनाक फ़र्ज़ीवाड़े के पीछे कौन लोग शामिल हैं और उन्होंने अब तक कितने मासूम और बेरोज़गार लोगों को अपना सख़्त शिकार बनाया है।
