रायपुर. छत्तीसगढ़ में धान खरीदी और बोनस भुगतान को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मीडिया सलाहकार पंकज झा द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए एक तंज के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा पलटवार किया है। बघेल ने राज्य सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने और उन्हें मिलने वाले भुगतान पर जलन की भावना रखने का गंभीर आरोप लगाया है।
भाजपा के तंज पर भूपेश बघेल का पलटवार
इस राजनीतिक विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर हुई। मुख्यमंत्री के सलाहकार पंकज झा ने प्रदेश के किसानों के खातों में ट्रांसफर की गई धान के अंतर की राशि का जिक्र करते हुए भूपेश बघेल पर निशाना साधा था। पंकज झा ने अपने पोस्ट में भूपेश बघेल को इस योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी करार दिया।
इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए भूपेश बघेल ने स्पष्ट किया कि किसान कड़ी मेहनत करके फसल उगाते हैं, इसलिए उन्हें उनकी उपज का पैसा मिलता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने वर्तमान विष्णु देव साय सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को न तो पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया और न ही जरूरत के अनुसार बिजली दी। इन तमाम विपरीत परिस्थितियों और प्रशासनिक असहयोग के बावजूद किसानों ने अपना पसीना बहाकर धान का उत्पादन किया है।
‘किसानों की मेहनत के पैसे से जलन क्यों?’
भूपेश बघेल ने भाजपा नेताओं पर सवाल दागते हुए पूछा कि जब मेहनतकश किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिल रहा है, तो उन्हें इससे इतनी जलन क्यों हो रही है। उन्होंने अपने पूर्व कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने किसानों से किया गया हर वादा ईमानदारी से निभाया और उन्हें उनका हक दिलाकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने से रोका।
इसके साथ ही, बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के वादे की याद दिलाते हुए भाजपा से इसका हिसाब मांगा। उन्होंने अपने बयान में सख्त लहजे का इस्तेमाल करते हुए कहा कि किसानों को जो पैसा मिल रहा है, वह किसी ‘पनामा’ या ‘तावड़े’ का धन नहीं है, बल्कि यह शुद्ध रूप से किसानों के खून-पसीने और मेहनत की कमाई है। धान खरीदी पर हो रही इस ताजा बयानबाजी ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर से गर्मा दिया है।
