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धान खरीदी की मियाद बढ़ाए सरकार: भाजपा

धान खरीदी को लेकर झूठ-फरेब का खेल कौन खेल रहा है? – चन्द्राकर

रायपुर. भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चन्द्राकर ने धान खरीदी प्रक्रिया लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। श्री चन्द्राकर ने चेतावनी दी कि किसानों के साथ अन्याय करने से प्रदेश सरकार बाज आए।

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री चन्द्राकर ने कहा कि मंत्रिमंडलीय उपसमिति के फैसले का एलान हुए लगभग एक सप्ताह बीतने के बाद भी समितियों को धान खरीदी की लिमिट हटाने और चार बार टोकन देने संबंधी आदेश नहीं पहुंचना प्रदेश की कांग्रेस सरकार का किसानों के साथ सरासर धोखा है। एक तरफ सरकार कहती है कि वह किसानों का पूरा धान खरीदेगी और दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी प्रदेश सरकार के फैसले का आदेश समितियों तक नहीं पहुंचाकर अब भी कम-से-कम धान खरीदने का दबाव समितियों पर बनाकर एफआईआर की धमकी दे रहे हैं। श्री चन्द्राकर ने कहा कि प्रदेश सरकार और उसके मुखिया भूपेश बघेल किसानों के साथ छलावे की सियासी चाल चलकर ‘चतुर सुजान’ बनने की कोशिश कर रहे हैं। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री को यह साफ-साफ जवाब देना होगा कि मंत्रिमंडलीय उपसमिति के फैसले का आदेश अब तक समितियों को क्यों नहीं मिल पाया है? मुख्यमंत्री यह भी स्पष्ट करें कि धान खरीदी को लेकर झूठ-फरेब का यह खेल कौन खेल रहा है- स्वयं मुख्यमंत्री बघेल या उनके मंत्री या फिर नौकरशाह?

भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष श्री चन्द्राकर ने कहा कि डेढ़ माह में प्रदेश सरकार अभी आधे से भी कम किसानों का ही धान खरीद पाई है जबकि आधे से भी अधिक किसान अपना धान बेच नहीं सके हैं और अब उनके पास धान बेचने के लिए गिनती के दिन ही बाकी रह गए है। अंतागढ़, धमतरी, महासमुंद समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसानों के परेशानी और उनके आंदोलन की जो सूचनाएं आ रही हैं, वे इस बात का प्रमाण हैं कि प्रदेश सरकार अब भी किसानों का पूरा धान खरीदने की नीयत नहीं रखती और वह धान खरीदी के नाम पर किसानों से फरेब करके टाइम पास कर रही है, लेकिन प्रदेश सरकार यह भूल रही है कि भाजपा और किसान मोर्चा के कार्यकर्ता किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे और उनके साथ कदम मिलाकर हक की लड़ाई लडेंगे। सरकार की बदनीयती और नेतृत्व के खोखलेपन के चलते छत्तीसगढ़ में पहली बार किसानों के आत्म-सम्मान पर इस तरह चोट की गई है और अब कांग्रेस व उसकी प्रदेश सरकार को इसका खामियाजा भुगतने की तैयारी कर लेना चाहिए। श्री चन्द्राकर ने धान बेच चुके किसानों को त्वरित भुगतान करने, तेजी से टोकन काटकर धान खरीदी करने और धान खरीदी की मियाद को 15 फरवरी से बढ़ाकर 15 मार्च करने की मांग को दुहराया है।

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