छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) विधानसभा के बजट सत्र में आज भारी हंगामा और गतिरोध देखने को मिला। ताज़ा CG Assembly Missing Persons Issue (सीजी असेंबली मिसिंग पर्सन्स इश्यू) ने सदन की कार्यवाही को पूरी तरह से बाधित कर दिया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत (Dr. Charandas Mahant) ने प्रदेश से 19 लाख लोगों के लापता होने का बेहद गंभीर और चौंकाने वाला आरोप लगाकर सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश की। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ‘महोदय’ (Sir) शब्द के इस्तेमाल को लेकर भी तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद नाराज़ विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
CG Assembly Missing Persons Issue: 19 लाख लोगों के लापता होने का आरोप
सदन में चर्चा के दौरान डॉ. महंत ने कुछ आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश में एक बहुत बड़ी आबादी का कोई सुराग़ नहीं मिल रहा है और सरकार इस इतने बड़े व संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह से ख़ामोश है। इस CG Assembly Missing Persons Issue को उठाते हुए विपक्ष ने कार्यस्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) के ज़रिए तुरंत और विस्तृत चर्चा की मांग की। विपक्षी सदस्यों का साफ़ कहना था कि यह प्रदेश की क़ानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद नाज़ुक मामला है।
‘महोदय’ (Sir) शब्द पर तीखी बहस और हंगामा
इस गंभीर आरोप-प्रत्यारोप के बीच सदन में उस वक़्त एक अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब सदस्यों के बीच संसदीय मर्यादा और ‘महोदय’ शब्द के प्रयोग को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर जमकर ज़बानी हमले किए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने स्थिति को संभालने और सदस्यों को शांत कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन हंगामे के कारण सदन का माहौल काफ़ी गर्म रहा।
प्रस्ताव ख़ारिज (Motion Rejected) होने पर विपक्ष का वॉकआउट
भारी शोरगुल के बीच, जब विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के इस कार्यस्थगन प्रस्ताव को नियमों का हवाला देते हुए ख़ारिज कर दिया, तो विपक्षी सदस्यों ने कड़ी नाराज़गी ज़ाहिर की। प्रस्ताव नामंज़ूर होते ही पूरे विपक्ष ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट (Walkout) कर दिया। यह ताज़ा राजनीतिक घटनाक्रम इस बात का पुख़्ता संकेत है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा सड़क से लेकर सदन तक और ज़्यादा गूंजने वाला है।
