छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के बजट सत्र में जनहित और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं। सदन की ताज़ा कार्यवाही के दौरान वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत (Rajesh Munat) ने अपनी ही सरकार के विभागीय कामकाज पर कड़े सवाल खड़े कर दिए। ताज़ा CG Assembly Rajesh Munat (सीजी असेंबली राजेश मूणत) अपडेट के अनुसार, उन्होंने प्रदेश में स्कूलों के युक्तिकरण (Rationalization) और जर्जर भवनों की ख़स्ताहाल स्थिति को लेकर सदन में भारी नाराज़गी ज़ाहिर की। उनका यह आक्रामक रुख़ प्रशासनिक महकमे में चर्चा का विषय बन गया है।
CG Assembly Rajesh Munat: युक्तिकरण (Rationalization) प्रक्रिया पर नाराज़गी प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान राजेश मूणत ने शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि शिक्षकों और स्कूलों के युक्तिकरण की प्रक्रिया में ज़मीनी हक़ीक़त को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। CG Assembly Rajesh Munat के इस कड़े रुख़ ने सदन का ध्यान इस बात पर खींचा कि काग़ज़ी आंकड़ों और वास्तविक स्थिति में ज़मीन-आसमान का फ़र्क़ है, जिससे आम जनता और छात्रों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
जर्जर भवनों (Dilapidated Buildings) का गंभीर मुद्दा युक्तिकरण के अलावा, वरिष्ठ विधायक ने प्रदेश भर में मौजूद जर्जर सरकारी भवनों और स्कूलों की दयनीय स्थिति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन से सख़्त लहज़े में पूछा कि इन ख़तरनाक हो चुके भवनों की मरम्मत और नवनिर्माण के लिए अब तक कोई ठोस क़दम क्यों नहीं उठाया गया है। यह सीधे तौर पर मासूम बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है।
प्रशासनिक जवाबदेही (Administrative Accountability) की मांग इस पूरी विधायी चर्चा से यह साफ़ संदेश जाता है कि जनहित के मुद्दों पर कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजेश मूणत द्वारा उठाए गए इन गंभीर सवालों के बाद अब शासन पर यह भारी दबाव है कि वह जल्द से जल्द जर्जर भवनों का सर्वे कराए और युक्तिकरण की ख़ामियों को तुरंत दूर करे।
