छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में सीमेंट की क़ीमतों में अचानक हुए भारी इज़ाफ़े ने प्रदेश की राजनीति और आम जनता के बीच हलचल तेज़ कर दी है। ताज़ा CG Cement Price Hike (सीजी सीमेंट प्राइस हाइक) अपडेट के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने राज्य सरकार और सीमेंट कंपनियों के बीच साठगांठ का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, राज्य में सीमेंट का दाम 210 रुपये से बढ़कर 270 रुपये प्रति बैग तक पहुंच गया है, जिसे कांग्रेस ने सीधे तौर पर चुनावी फ़ंड के लिए आम जनता की जेब पर खुला डाका क़रार दिया है।
CG Cement Price Hike: कृत्रिम किल्लत और 60 रुपये की भारी वृद्धि
कन्हैया अग्रवाल ने बिल्कुल साफ़ शब्दों में कहा है कि क़ीमतों में यह बड़ा उछाल किसी कच्चे माल की लागत बढ़ने से नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साज़िश के तहत हुआ है। मार्च के शुरुआती हफ़्ते में जो सीमेंट 210 रुपये में मिल रहा था, उसे रातों-रात 270 रुपये कर दिया गया। उनका सख़्त आरोप है कि कंपनियों ने बाज़ार में जानबूझकर कृत्रिम किल्लत पैदा करने के लिए बुकिंग पर रोक लगा दी है। CG Cement Price Hike के इस खेल से मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अपना घर बनाना काफ़ी मुश्किल हो गया है।
100 करोड़ रुपये प्रति माह का अतिरिक्त वित्तीय भार
छत्तीसगढ़ अकेले पूरे देश के कुल सीमेंट उत्पादन का 20 प्रतिशत हिस्सा पैदा करता है, फिर भी यहां की जनता को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे है। प्रदेश में हर महीने तक़रीबन 2 करोड़ सीमेंट बैग की खपत होती है। अग्रवाल के गणित के अनुसार, 60 रुपये प्रति बैग की वृद्धि से राज्य की आम जनता से हर महीने 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली की जा रही है।
कांग्रेस (Congress) ने दी उग्र आंदोलन की सख़्त चेतावनी
सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कन्हैया अग्रवाल ने इस सिंडिकेट राज पर तत्काल लगाम लगाने और क़ीमतों को नियंत्रित करने की सख़्त मांग की है। उन्होंने प्रशासन को साफ़ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सीमेंट के दाम कम नहीं किए गए, तो कांग्रेस पार्टी जनता के हक़ के लिए सड़क पर उतरकर एक उग्र आंदोलन करेगी।
