छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के व्यापारियों और कारोबारियों की मुश्किलें अब काफ़ी ज़्यादा बढ़ने वाली हैं। ताज़ा CG GST Notice (सीजी जीएसटी नोटिस) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, राज्य जीएसटी विभाग (GST Department) ने टैक्स चोरी रोकने के लिए अपना अब तक का सबसे बड़ा और सख़्त अभियान शुरू कर दिया है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, विभाग के एक बड़े सर्वे में यह चौंकाने वाला ख़ुलासा हुआ है कि प्रदेश में क़रीब 1.50 लाख व्यापारी ऐसे हैं, जो जीएसटी के दायरे में आने के बावजूद अपना पंजीयन नहीं करा रहे हैं। विभाग ने साफ़ कर दिया है कि 10 अप्रैल के बाद इन सभी अपंजीकृत कारोबारियों के घर सख़्त नोटिस भेजे जाएंगे।
CG GST Notice: बिजली (Electricity) और बैंक डेटा से हुआ ख़ुलासा
जीएसटी विभाग ने इस बार टैक्स चोरों को पकड़ने के लिए बेहद सख़्त और चालाकी भरी रणनीति अपनाई है। अधिकारियों ने बिजली कंपनी और बैंकों से गुप्त डेटा जुटाया है। जिन फ़ैक्ट्रियों या कारखानों में बिजली की खपत अचानक दोगुनी हो गई है, उनकी अब सीधी फ़िज़िकल जांच की जाएगी। इसके अलावा, बैंकों से उन कारोबारियों की पूरी सख़्त जानकारी ली जा रही है, जिनका टर्नओवर करोड़ों में है लेकिन वे सरकार को जीएसटी (GST) नहीं भर रहे हैं।
जीएसटी नंबर (GST Number) न दिखाने पर 30 हज़ार का ज़ुर्माना
पंजीयन के अलावा, विभाग ने दुकानों और दफ़्तरों के बाहर जानकारी डिस्प्ले करने पर भी भारी सख़्ती बढ़ा दी है। ताज़ा नियम के तहत अगर आपने अपनी दुकान के बाहर जीएसटी नंबर साफ़ तौर पर नहीं लगाया है, तो आप पर 30 हज़ार रुपये का सख़्त ज़ुर्माना लग सकता है। अफ़सरों का साफ़ कहना है कि अभी भी 40 प्रतिशत व्यापारी अपनी जानकारी डिस्प्ले नहीं कर रहे हैं, जिन्हें अब सीधे दंडित किया जाएगा।
कोयला और ट्रांसपोर्टिंग (Transporting) सेक्टर पर ख़ास नज़र
विभागीय सूत्रों के मुताबिक़, जीएसटी अफ़सरों की सबसे ख़ास और पैनी नज़र कोयला और ट्रांसपोर्टिंग का काम करने वालों पर है। इन दोनों सेक्टर्स में बिना बिल के सबसे ज़्यादा टैक्स चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। स्टेट जीएसटी कमिश्नर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने बिल्कुल साफ़ किया है कि जानबूझकर टैक्स चोरी करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।
