राजनीतिक बाज़ार में एक बेहद ताज़ा न्यूज़ सामने आई है। ताज़ा CG Liquor Scam (सीजी शराब घोटाला) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, बहुचर्चित शराब घोटाले में निलंबित उप सचिव सौम्या चौरसिया और तांत्रिक केके श्रीवास्तव जेल से बाहर आ गए हैं। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा रायपुर स्पेशल कोर्ट में चालान पेश किए जाने के बाद इनकी रिहाई संभव हो सकी है। रोज़ सामने आ रहे भ्रष्टाचार के मामलों के ख़िलाफ़ क़ानूनी प्रक्रिया अब ज़्यादा असरदार तरीक़े से काम कर रही है। यह रिहाई अदालत का एक ख़ास फ़ैसला है। प्रशासन का पूरा ज़ोर अब इस बात पर है कि जांच की तेज़ रफ़्तार धीमी न पड़े। यह एक बड़ा क़दम है, जिस पर प्रदेश की पूरी जनता की नज़रें टिकी हुई हैं।
1500 पन्नों का 8वां चालान और आरोपियों की भूमिका
बुधवार को जांच एजेंसी ने 1500 पन्नों का सघन पूरक चालान कोर्ट में पेश किया। इस चार्जशीट में सौम्या चौरसिया पर अपने सरकारी पद का दुरुपयोग कर सिंडिकेट को संरक्षण देने का सख़्त आरोप है। वहीं, तांत्रिक केके श्रीवास्तव ने सिंडिकेट के कैश नेटवर्क और पैसों के निवेश को संभालने का ज़िम्मा उठाया था। इसके अलावा, राजीव भवन के पुराने अकाउंटेंट देवेंद्र डडसेना पर अवैध पैसों के लेन-देन का मुख्य आरोप तय किया गया है।
51 लोगों के ख़िलाफ़ चार्जशीट और आगे की कार्रवाई
इस घोटाले में अब तक कुल 51 आरोपियों के ख़िलाफ़ विस्तृत चार्जशीट दाख़िल की जा चुकी है। ईओडब्ल्यू (EOW) की टीम अब वाई-फ़ाई (Wi-Fi) और अत्याधुनिक साइबर टूल्स के ज़रिए बाक़ी बचे राजनीतिक व्यक्तियों और कंपनियों के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। आने वाले दिनों में कुछ और सप्लीमेंट्री चालान भी न्यायालय में पेश किए जाएंगे, जिससे घोटाले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
