छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के मौजूदा बजट सत्र में शुक्रवार को भारी राजनीतिक घमासान और तीखी बहस देखने को मिली। राजधानी रायपुर स्थित विधानसभा भवन में आज ‘CG Vidhan Sabha Budget Session’ (सीजी विधानसभा बजट सत्र) के दौरान जब विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों (Supplementary Grants) पर चर्चा शुरू हुई, तो विपक्ष ने सरकार को चारों तरफ से घेरते हुए सदन में जोरदार हंगामा कर दिया। सत्ता पक्ष और मुख्य विपक्षी दल के बीच हुए इस कड़े टकराव के चलते सदन का राजनीतिक तापमान एकदम से चरम पर पहुंच गया।
CG Vidhan Sabha Budget Session: अनुदान मांगों पर तीखी बहस
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्य विपक्षी दल के विधायकों ने राज्य सरकार की वित्तीय नीतियों और अनुदान मांगों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। ताज़ा ‘CG Vidhan Sabha Budget Session’ अपडेट्स के अनुसार, विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा पेश किए गए बजट और इन अनुदान मांगों में जमीनी हकीकत को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। विपक्ष का स्पष्ट कहना था कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी विकास कार्यों के लिए जो अतिरिक्त राशि मांगी जा रही है, उसका सही ढंग से जमीनी क्रियान्वयन (Ground Implementation) नहीं हो रहा है। इसके विरोध में विपक्षी विधायकों ने सदन के वेल में आकर नारेबाजी की।
सत्ता पक्ष का कड़ा पलटवार
विपक्ष के इन सीधे और तीखे आरोपों पर सत्ताधारी दल के मंत्रियों ने भी सदन में जोरदार पलटवार किया। विभागीय मंत्रियों ने आंकड़ों के साथ स्पष्ट किया कि यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास (Overall Development) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सरकार ने विपक्ष पर केवल राजनीतिक सुर्खियां बटोरने और सदन का कीमती समय बर्बाद करने का आरोप लगाया।
भारी शोरगुल से कार्यवाही बाधित
अनुदान मांगों (Anudan Mang) की इस चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के बीच गतिरोध इतना अधिक बढ़ गया कि विधानसभा अध्यक्ष की बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद हंगामा शांत नहीं हुआ। अंततः इस भारी शोरगुल और राजनीतिक टकराव के कारण विधानसभा की कार्यवाही को काफी देर के लिए स्थगित (Adjourn) करना पड़ा।
