छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के बजट सत्र में आज कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भारी राजनीतिक घमासान देखने को मिला। हाल ही में दुर्ग जिले में पकड़ी गई करोड़ों रुपये की अवैध अफीम की खेती की गूंज पूरे सदन में सुनाई दी। इस बेहद गंभीर ‘Chhattisgarh Assembly opium issue’ ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक तीखी बहस छेड़ दी है, जिसके चलते सदन की कार्यवाही काफी हंगामेदार रही और विपक्ष ने सरकार को हर मोर्चे पर घेरने का प्रयास किया।
Chhattisgarh Assembly opium issue: विपक्ष का जोरदार हमला
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्य विपक्षी दल ने दुर्ग में 5 एकड़ में चल रही अफीम की खेती (Opium Cultivation) के मुद्दे को पूरी आक्रामकता के साथ उठाया। विपक्ष के नेताओं ने राज्य सरकार और पुलिस के खुफिया तंत्र (Intelligence Failure) पर गंभीर सवाल खड़े किए। विपक्षी विधायकों ने मांग की कि प्रदेश में बेखौफ पनप रहे इस बड़े ड्रग माफिया और नशे के कारोबार पर सरकार तुरंत विस्तृत जवाब दे। ‘Chhattisgarh Assembly opium issue’ पर विपक्ष के इन तीखे तेवरों ने सरकार को सदन में असहज कर दिया।
5 एकड़ में अफीम की खेती पर उठे सवाल
विपक्ष ने सदन में आरोप लगाया कि राजधानी रायपुर से सटे दुर्ग जिले के समोदा गांव में महीनों से मक्के की आड़ में 8 करोड़ रुपये की अफीम उगाई जा रही थी, और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह बेखबर था। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि बिना किसी मजबूत राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों (Narcotics) की खेती बिल्कुल भी संभव नहीं है। उन्होंने इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की कड़ी मांग की है।
सरकार का जवाब और सदन में भारी हंगामा
विपक्ष के इन गंभीर आरोपों पर सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने पलटवार करते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन ने इस मामले में बेहद त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पूरी फसल को नष्ट कर दिया गया है। हालांकि, विपक्ष सरकार के इस जवाब से पूरी तरह असंतुष्ट नजर आया और सदन के वेल में आकर भारी नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन का कामकाज काफी देर तक बाधित रहा।
