छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के मौजूदा सत्र में आज भारी राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। कार्यवाही के दौरान प्रदेश में चल रहे यात्री और वाणिज्यिक वाहनों के फिटनेस और परमिट (Fitness and Permit) का मुद्दा पूरे सदन में जोरों पर गूंजा। ताज़ा ‘Chhattisgarh Assembly update’ के अनुसार, विभागीय मंत्री के जवाबों से पूरी तरह असंतुष्ट होकर मुख्य विपक्षी दल ने सदन के भीतर जमकर नारेबाजी की और महज आधे घंटे के अंतराल में दो बार वॉकआउट (Walkout) कर दिया।
Chhattisgarh Assembly update: फिटनेस और परमिट का मुद्दा
प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी विधायकों ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश भर में बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र और रूट परमिट के हजारों गाड़ियां अवैध रूप से दौड़ रही हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका और आम जनता की सुरक्षा को भारी खतरा है। इस ‘Chhattisgarh Assembly update’ ने परिवहन विभाग के निरीक्षण और चेकिंग अभियान की पारदर्शिता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट दिखा विपक्ष
विपक्ष के इन तीखे सवालों और आरोपों पर संबंधित विभागीय मंत्री ने सदन में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने सदन को उन वाहनों के आंकड़े पेश किए जिन पर नियमों के उल्लंघन के तहत जुर्माना या जब्ती की कार्रवाई की गई है। हालांकि, विपक्ष मंत्री के इस जवाब से सहमत नहीं हुआ। उनका स्पष्ट कहना था कि सरकार मूल समस्या को टाल रही है और भ्रष्टाचार पर स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है।
आधे घंटे में दो बार विपक्ष का वॉकआउट
सत्ता पक्ष के रवैये का कड़ा विरोध करते हुए विपक्षी सदस्य सदन के वेल (Well) में आ गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा शांति बनाए रखने की बार-बार अपील करने के बावजूद, विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन का राजनीतिक तापमान तब और बढ़ गया जब विपक्ष ने अपनी असहमति जताते हुए मात्र 30 मिनट के भीतर ही दूसरी बार सदन से वॉकआउट कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
