छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू होगी जनगणना, आम लोगों को देने होंगे 33 सवालों के जवाब

जनगणना के दौरान घर-घर जाकर 33 सवालों की जानकारी जुटाते अधिकारी का चित्र

छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू होगी जनगणना, आम लोगों को देने होंगे 33 सवालों के जवाब

छत्तीसगढ़ में 1 मई से जनगणना शुरू होने जा रही है। इसके लिए सरकार ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह जनगणना प्रक्रिया 1 मई से शुरू होकर 30 मई तक चलेगी। इस दौरान सरकार आम लोगों से 33 सवाल पूछेगी, जिनके माध्यम से प्रत्येक आवासीय भवन, मकान की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।

33 सवालों के जरिए ली जाएगी जानकारी

जनगणना करने वाले अधिकारी घर-घर जाकर आम लोगों से 33 सवालों के जवाब मांगेंगे। इन सवालों में मुख्य रूप से यह जानकारियां शामिल होंगी:

  • प्रत्येक भवन एवं मकान की संख्या, स्थिति एवं प्रकार।
  • मकान का उपयोग और निर्माण की प्रकृति।
  • परिवारों की संख्या एवं उनके आवासीय विवरण।
  • घर में उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं।

निर्धारित अवधि के दौरान अधिकारी लोगों के घर पर जाकर यह जानकारी एकत्र करेंगे। सरकार का मानना है कि जनगणना के दौरान ली गई यह जानकारी देश और राज्य की सामाजिक-आर्थिक योजनाओं के विकास के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगी।

16 से 30 अप्रैल तक खुद भर सकते हैं ऑनलाइन जानकारी

इस बार की जनगणना को डिजिटल इंडिया अभियान के तहत आधुनिक बनाया गया है। आम नागरिक 16 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल तक खुद भी ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी भर सकते हैं।

  • स्वगणना करते समय परिवार को 1 स्व गणना आईडी मिलेगी।
  • यह आईडी बाद में घर आने वाले जनगणना अधिकारी को देनी होगी।
  • इसके आधार पर फाइनल जनगणना की रिपोर्ट अधिकारी ही जमा कर सकेंगे।

जानकारी पूरी तरह से रहेगी गोपनीय

जनगणना के दौरान ली गई किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना के सुचारू संचालन के लिए जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। इन कक्षों का नियमित अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान अगर किसी भी व्यक्ति को कोई समस्या आती है, तो वह जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।