रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में सिटी गैस अवसंरचना परियोजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस परियोजना के तहत अब रायपुर, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों में घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को पाइपलाइन के माध्यम से पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की आपूर्ति की जाएगी। साथ ही, वाहनों के लिए सीएनजी (कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस) स्टेशनों का भी बड़े पैमाने पर विस्तार किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सीएनजी से चलने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और रायपुर नगर निगम की पहली पाइपलाइन गैस उपभोक्ता से बातचीत कर इस नई सुविधा के बारे में जानकारी ली।
राज्य सरकार का यह कदम पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने और आम नागरिकों को सस्ती और सुलभ ऊर्जा उपलब्ध कराने के संकल्प का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ अपने गठन का रजत जयंती वर्ष मना रहा है और इन 25 वर्षों में प्रदेश ने विकास के कई नए आयाम गढ़े हैं। सिटी गैस अवसंरचना परियोजना भी इसी विकास यात्रा की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो राज्य को आधुनिक अधोसंरचना की ओर ले जा रही है। डीपीएनजी (डोमेस्टिक पाइप्ड नेचुरल गैस) सुविधा के शुरू होने से अब बड़े महानगरों की तरह ही छत्तीसगढ़ के इन जिलों में भी लोगों को सिलेंडर रिफिल कराने की परेशानी से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी और सुरक्षा के मानकों में भी इजाफा होगा।
- सिटी गैस अवसंरचना परियोजना के तहत रायपुर, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों को पाइपलाइन गैस नेटवर्क से जोड़ा गया है।
- घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को डीपीएनजी के माध्यम से सीधे गैस मिलेगी, जिससे बार-बार सिलेंडर बदलवाने की जरूरत खत्म होगी।
- राज्य में सीएनजी स्टेशनों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और ईंधन पर होने वाले खर्च में भी राहत मिलेगी।
- सस्ती और सुलभ गैस ऊर्जा मिलने से स्थानीय उद्योगों को सीधा फायदा पहुंचेगा और प्रदेश में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
- राज्य के हालिया बजट में ग्रीन एनर्जी और विश्वस्तरीय अधोसंरचना के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
कार्यक्रम में उपस्थित एचसीजी समूह और गैल इंडिया के प्रतिनिधियों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भी अपील की कि वे इस स्वच्छ ईंधन को अपनाएं। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक विश्वस्तरीय सुविधाएं पहुंचाई जाएं। प्रदूषण कम करने और हरित, विकसित व आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पीएनजी और सीएनजी जैसी स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग समय की मांग है। इस परियोजना के विस्तार से न केवल पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि औद्योगिक विकास को भी एक नई गति मिलेगी, जिससे राज्य के आर्थिक ढांचे को और अधिक मजबूती प्राप्त होगी।
