पश्चिम एशिया में चल रहे भारी तनाव का असर अब भारत के राज्यों में भी महसूस किया जा रहा है। ताज़ा Chhattisgarh Petroleum Supply (छत्तीसगढ़ पेट्रोलियम सप्लाई) अपडेट के अनुसार, इस संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार सुबह एक बेहद अहम् और उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक़, राज्य सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गई है और पूरे प्रशासनिक तंत्र को ईंधन की आपूर्ति पर पैनी नज़र रखने के सख़्त निर्देश दिए गए हैं।
Chhattisgarh Petroleum Supply: कालाबाज़ारी पर होगी कड़ी कार्रवाई
वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए हुई इस बैठक में राज्य के सभी कमिश्नर, आईजी और ज़िला कलेक्टर सीधे तौर पर जुड़े। मुख्यमंत्री ने पेट्रोल, डीज़ल और गैस सिलेंडरों की ज़मीनी उपलब्धता की विस्तृत रिपोर्ट ली। Chhattisgarh Petroleum Supply की इस अहम् समीक्षा के दौरान उन्होंने साफ़ शब्दों में चेतावनी दी है कि हालात का फ़ायदा उठाकर अगर किसी ने भी ईंधन की कालाबाज़ारी (Black Marketing) करने की कोशिश की, तो उस पर तुरंत और बेहद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।
अफ़वाहों (Rumors) पर ध्यान न देने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आम जनता से ख़ास अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफ़वाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बाइंग से बचें। राज्य में पेट्रोल और गैस की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, इसलिए आम लोगों को बिल्कुल भी घबराने की ज़रूरत नहीं है।
सप्लाई चेन (Supply Chain) को मज़बूत करने पर ज़ोर
इस अहम बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, डीजीपी अरुण देव गौतम सहित तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। पूरी चर्चा सप्लाई चेन को मज़बूत बनाए रखने और स्टॉक की नियमित मॉनिटरिंग पर केंद्रित रही, जिससे नागरिकों को किसी भी क़ीमत पर परेशानी का सामना न करना पड़े।
