Chhattisgarh SCR meeting: सीएम साय की अध्यक्षता में स्टेट कैपिटल रीजन की पहली बैठक, NCR की तर्ज पर होगा विकास

Chhattisgarh Chief Minister Vishnu Deo Sai chairing the first meeting of the State Capital Region (SCR) Development Authority in Raipur.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) सरकार ने राज्य की राजधानी और उसके आस-पास के तेजी से बढ़ते क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में आज ‘छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण’ (State Capital Region – SCR) की पहली और अहम बैठक आयोजित की गई। इस ‘Chhattisgarh SCR meeting’ में राजधानी रायपुर और उससे लगे प्रमुख शहरों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज पर एक विश्वस्तरीय महानगर के रूप में विकसित करने की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है।

Chhattisgarh SCR meeting: NCR की तर्ज पर एकीकृत विकास

नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित इस उच्च स्तरीय ‘Chhattisgarh SCR meeting’ में प्राधिकरण के तमाम आला अधिकारी और विभागीय मंत्री उपस्थित रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रायपुर, नया रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव जैसे आस-पास के शहरी क्षेत्रों को मिलाकर एक एकीकृत ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ (SCR) का निर्माण किया जाएगा। इस वृहद योजना का मुख्य उद्देश्य इन सभी शहरों के बीच बेहतर प्रशासनिक समन्वय स्थापित करना और बेतरतीब शहरीकरण (Urbanization) को रोकना है।

बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था (Transport) पर जोर

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे एससीआर (SCR) क्षेत्र में भविष्य के यातायात दबाव को कम करने के लिए रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (Rapid Transport System) और रिंग रोड के निर्माण का एक मास्टर प्लान जल्द तैयार करें। इसके साथ ही, पेयजल, सीवरेज, और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक योजनाओं (Long-term Plans) पर काम करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि राज्य में बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों (Investors) को आसानी से आकर्षित किया जा सके।

विज़न 2047 के तहत तैयार होगा मास्टर प्लान

सीएम साय ने कहा कि यह स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा इंजन बनेगा। अधिकारियों को ‘विज़न 2047’ को ध्यान में रखते हुए शहरी नियोजन (Urban Planning) विशेषज्ञों की सलाह लेने और एक पारदर्शी विकास मॉडल प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।