छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहा तापमान, अगले तीन दिनों में पारा दो डिग्री तक चढ़ने का अनुमान

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में इन दिनों मौसम का मिजाज़ तेज़ी से बदल रहा है और अब लोगों को दिन के समय तेज़ धूप और गर्मी का एहसास होने लगा है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में फ़िलहाल मौसम पूरी तरह से शुष्क बना रहेगा। दिन के तापमान में लगातार जो बढ़ोतरी दर्ज़ की जा रही है, वह आगे भी जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में तक़रीबन दो डिग्री सेल्सियस तक का इज़ाफ़ा हो सकता है। इसके बाद के चार दिनों तक तापमान में किसी भी बड़े बदलाव की कोई गुंजाइश नहीं है, जिससे स्पष्ट है कि अब राज्य के नागरिकों को बढ़ती गर्मी के लिए ख़ुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करना होगा।

सोमवार को दर्ज़ किए गए मौसम के आँकड़ों पर ग़ौर करें तो, पूरे प्रदेश में सबसे ज़्यादा अधिकतम तापमान राजनांदगांव ज़िले में 36.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह पिछले पाँच दिनों में दर्ज़ किया गया सबसे अधिक तापमान रहा है। दूसरी ओर, सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज़ हुआ है। मौसम के इस उतार-चढ़ाव की वज़ह से प्रदेशवासी दिन में तेज़ धूप और गर्मी का सामना कर रहे हैं, जबकि सुबह और रात के वक़्त अभी भी हल्की ठंड का असर बाक़ी है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक़, उत्तर ओडिशा से लेकर विदर्भ तक और दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर तक़रीबन 0.9 किलोमीटर की ऊँचाई पर एक द्रोणिका बनी हुई है। हालाँकि, इस मौसमी सिस्टम का प्रदेश के मौसम पर कोई ख़ास या सीधा प्रभाव नहीं पड़ रहा है। यही वज़ह है कि पूरे राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क ही बना रहेगा। अगर राजधानी रायपुर की बात करें, तो यहाँ आसमान पूरी तरह साफ़ रहने का अनुमान जताया गया है। रायपुर में अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। इसके साथ ही राहत की बात यह है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम से जुड़ी किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

ग़ौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में आमतौर पर फ़रवरी माह के दौरान आसमान साफ़ रहता है और ज़मीनी स्तर पर हल्की हवाएँ चलती हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कभी-कभार मौसम में अचानक तब्दीली भी देखने को मिल जाती है। बीते कुछ दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की स्थिति बनी थी। ऐतिहासिक आँकड़ों पर नज़र डालें तो रायपुर में 9 फ़रवरी 1893 को तापमान गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, जो अब तक का सबसे कम है। वहीं, 28 फ़रवरी 2009 को रायपुर का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह साफ़ है कि आने वाले दिनों में गर्मी अपना पूरा असर दिखाने वाली है।