छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने एक बेहद सकारात्मक और ऐतिहासिक संदेश दिया है। हाल ही में एक अहम कार्यक्रम के दौरान दिए गए ताज़ा ‘CM Vishnu Deo Sai Bastar statement’ के अनुसार, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि दशकों से लाल आतंक का दंश झेल रहे बस्तर संभाग में अब ‘बंदूकें हार रही हैं और जनता का विश्वास जीत रहा है’। यह बयान राज्य सरकार की नक्सल विरोधी सफल रणनीतियों को दर्शाता है।
CM Vishnu Deo Sai Bastar statement: विकास की नई सुबह
मुख्यमंत्री ने अपने इस ‘CM Vishnu Deo Sai Bastar statement’ में इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ (Niyad Nellanar) योजना और जमीनी स्तर पर हो रहे सघन विकास कार्यों के कारण स्थानीय आदिवासियों का सरकार और प्रशासन के प्रति भरोसा काफी मजबूत हुआ है। मांद के भीतर सुरक्षाबलों के नए कैंप (FOB) खुलने से अब सुदूर वनांचलों में बुनियादी सुविधाएं—जैसे पक्की सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं—तेजी से पहुंच रही हैं, जिससे नक्सली विचारधारा (Naxal Ideology) अपने सबसे कमजोर स्तर पर आ गई है।
मुख्यधारा में लौट रहे हैं भटके हुए युवा
सीएम साय ने कहा कि केवल सैन्य अभियानों से ही नहीं, बल्कि सरकार की संवेदनशील ‘नक्सल पुनर्वास नीति’ (Rehabilitation Policy) के कारण भी सकारात्मक परिणाम धरातल पर साफ नजर आ रहे हैं। विकास और रोजगार के नए अवसरों को देखकर बड़ी संख्या में भटके हुए युवा हथियारों का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा (Mainstream) में खुशी-खुशी लौट रहे हैं।
नक्सल मुक्त बस्तर का संकल्प
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य बस्तर को बहुत जल्द पूरी तरह से नक्सल मुक्त (Naxal-Free) बनाकर वहां की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और पर्यटन (Bastar Tourism) को विश्व पटल पर स्थापित करना है। मुख्यमंत्री का यह बयान बस्तर के निवासियों के लिए एक सुनहरे भविष्य की मजबूत गारंटी है।
