महतारी गौरव वर्ष 2026: छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम दौर, CM विष्णु देव साय की बड़ी योजनाएं

Chhattisgarh News

छत्तीसगढ़ में विकास और स्वाभिमान की एक नई कहानी लिखी जा रही है। राज्य में वर्ष 2026 को आधिकारिक रूप से “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण को एक मजबूत और नई दिशा देना है। Chhattisgarh News के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं अब जमीनी स्तर पर बेहद प्रभावी परिणाम दे रही हैं।

महतारी वंदन योजना: 70 लाख महिलाओं को सीधा लाभ

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ एक मील का पत्थर साबित हुई है।

  • 10 मार्च 2024 को शुरू हुई इस योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है।
  • अब तक 26 किस्तों के जरिए 16,881 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है।
  • इस वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है।

बेटियों और बच्चों के भविष्य के लिए बड़े ऐलान

राज्य सरकार ने अपने बजट में महिलाओं और बच्चों के पोषण व स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।

  • रानी दुर्गावती योजना: इस प्रस्तावित योजना के तहत बेटियों के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें 1 लाख 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी (15 करोड़ रुपये का प्रावधान)।
  • आंगनबाड़ी और पोषण आहार: आंगनबाड़ी संचालन के लिए 800 करोड़ रुपये, पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ और कुपोषण मुक्ति अभियान के लिए 235 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
  • महतारी सदन: महिलाओं की सुविधाओं के लिए 368 ‘महतारी सदनों’ के निर्माण को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 का निर्माण पूरा भी हो चुका है। इसके अलावा 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों (42 करोड़ रुपये) का निर्माण किया जाएगा।

मातृत्व सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

मातृत्व सुरक्षा के क्षेत्र में ‘प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना’ के तहत शानदार काम हुआ है। वर्ष 2025-26 (फरवरी तक) 2 लाख 4 हजार से अधिक महिलाओं का पंजीयन हो चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 93 प्रतिशत से अधिक है। इसके तहत महिलाओं को 235 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।

इसके साथ ही, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों (Self Help Groups) को रेडी-टू-ईट जैसे महत्वपूर्ण कार्यों से जोड़ा जा रहा है। ‘लखपति दीदी योजना’ के जरिए व्यवसायिक अवसर दिए जा रहे हैं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘सखी वन स्टॉप सेंटरों’ की संख्या 27 से बढ़ाकर 34 कर दी गई है।

यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ का “महतारी गौरव वर्ष” केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं है, बल्कि यह एक ठोस परिणाम देने वाला व्यापक अभियान है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की महिलाएं अब विकास की मुख्य धुरी बनकर उभर रही हैं।