रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल पर प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के प्रबंधकों और कर्मचारियों की 6 साल से लंबित मांगें पूरी हुईं, जिससे समिति कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर समिति कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में 25% की वृद्धि की गई। इसके अतिरिक्त, अन्य मांगों के समाधान के लिए शासन ने एक अंतर्विभागीय समिति का गठन किया है।
6 साल बाद वेतन और भत्तों में वृद्धि: मुख्यमंत्री श्री साय ने समिति कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए पंजीयक सहकारी संस्थाओं को 24 घंटे के भीतर वेतन वृद्धि को मंजूरी देने का निर्देश दिया। इस वृद्धि से लगभग 13 हजार कर्मचारियों में खुशी की लहर है, जो वर्ष 2018 के बाद पहली बार अपने वेतन और भत्तों में वृद्धि देख रहे हैं।
आयुक्त सहकारिता विभाग द्वारा आदेश जारी: मुख्यमंत्री के निर्देश पर 11 नवम्बर 2024 को सहकारी समिति कर्मचारी सेवा नियम में संशोधन कर वेतन और भत्तों में 25% की वृद्धि के आदेश जारी किए गए। खाद्य विभाग ने भी सूचित किया है कि धान उपार्जन प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। धान का उठाव राइस मिलर्स और विपणन संघ द्वारा समय पर किया जाएगा, और शेष धान के प्रबंधन के लिए खाद्य विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है।
अन्य मांगों के समाधान के लिए समिति का गठन: समिति कर्मचारियों की अन्य मांगों के समाधान के लिए खाद्य, वित्त, कृषि, सहकारिता विभागों और विपणन संघ के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक अंतर्विभागीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति कर्मचारियों की मांगों का विश्लेषण कर शासन को उचित समाधान हेतु प्रस्ताव भेजेगी।
हड़ताल समाप्त, सभी कर्मचारी वापस कार्य पर लौटे: सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष नरेन्द्र साहू ने कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त की घोषणा की और आश्वस्त किया कि 14 नवम्बर से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की प्रक्रिया में कोई अवरोध नहीं आएगा। सभी कर्मचारी अपनी-अपनी समितियों में लौट गए हैं और धान उपार्जन केंद्रों पर 13 नवम्बर तक सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
