Corona Death: No Bad in the hospital, no place in the crematorium ..!

Corona Death : अस्पताल में बैड नहीं, शमशान में जगह नहीं..! कोरोना से मरने वालों को ‘ना मोक्ष, ना धाम”, लखनऊ का ये घटनाक्रम आपको डरा देगा?

इंटरनेट डेस्क। देश में कोरोना के आंकड़े और उनसे होने वाली मौतें लगातार डरा रही है। सबसे बड़ी बात ये है कि कोरोना के कारण एक तरफ जहां अस्पतालों में मरीजों को बैड तक उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कोरोना से मरने वालों को शमशान घाट में जगह तक नसीब नहीं हो रही है। अस्पतालों में जहां एक बैड पर दो से तीन लोगों को लिटाया जा रहा है वहीं शमशान घाट में कोरोना से मरने वालों की संख्या इतनी पहुंच रही है कि वहां उन्हें जलाने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। स्थित बहुत भयावह है। मरने के बाद भी इंसान को मोक्ष नहीं मिल पा रहा है।

ताजा घटनाक्रम उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का है। यहां कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के साथ हालात बेकाबू होने लगे हैं। संक्रमित मरीजों की संख्या के साथ ही कोविड-19 की बीमारी से मरने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। स्थिति ये है कि ज्यादातर श्मशान घाटों में शवों को जलाने तक के लिए जगह नहीं है।

इसी कारण बीते गुरुवार को लखनऊ के भैंसाकुंड श्मशान घाट में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। क्योंकि यहां जब एक परिवार को अपने रिश्तेदार के शव का अंतिम संस्कार करने की जगह नहीं मिली, तो उन्होंने प्लास्टिक शेड के नीचे ही चिता में अग्नि दे दी। इस दौरान आग की लपटों से शेड पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

 

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