DK Shivakumar Delhi visit: CM पद की अटकलों के बीच खरगे के साथ दिल्ली रवाना, कर्नाटक में हलचल

Amid intense speculations regarding the Karnataka CM post, Deputy CM's DK Shivakumar Delhi visit along with Mallikarjun Kharge has raised political temperatures.

कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक भूचाल आने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही भारी अटकलों के बीच, कर्नाटक के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार अचानक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। इस ‘DK Shivakumar Delhi visit’ ने राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज कर दी है, क्योंकि उनके साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी एक ही उड़ान से दिल्ली गए हैं।

DK Shivakumar Delhi visit: CM कुर्सी को लेकर हलचल

पार्टी सूत्रों के अनुसार, डीके शिवकुमार का यह अचानक किया गया दिल्ली दौरा राजनीतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों से कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन (Leadership Change) और मुख्यमंत्री पद को लेकर लगातार पर्दे के पीछे सुगबुगाहट चल रही थी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ दिल्ली जाने के कारण, इस ‘DK Shivakumar Delhi visit’ को सीधा सत्ता हस्तांतरण या राज्य संगठन में किसी बड़े बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।

सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच रस्साकशी

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद से ही, वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के बीच कथित रोटेशनल सीएम (Rotational CM Formula) फॉर्मूले की राजनीतिक चर्चाएं अक्सर होती रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवकुमार अब कांग्रेस हाईकमान के सामने मुख्यमंत्री पद के लिए अपना सबसे मजबूत दावा पेश करने जा रहे हैं। राज्य में दोनों बड़े नेताओं के समर्थक विधायकों के बीच भी लगातार बयानबाजी का दौर जारी है।

कांग्रेस हाईकमान के साथ अहम बैठक

दिल्ली में डीके शिवकुमार की मुलाकात पार्टी के शीर्ष नेतृत्व मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ होने की प्रबल संभावना है।

इस अहम और हाई-प्रोफाइल बैठक में कर्नाटक सरकार के आगामी भविष्य, संभावित कैबिनेट फेरबदल और नेतृत्व के संवेदनशील मुद्दे पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। पार्टी आलाकमान का अगला कदम कर्नाटक की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित होगा।