हाल ही में दुबई की एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन कंपनी के सीईओ (CEO) ने एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक खुलासा किया है। उनकी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय आयात बुरी तरह बाधित होने से दुबई के पास अब केवल 8 दिनों का ताजा भोजन (Fresh Food) और जरूरी कच्चा राशन ही बचा है। चूंकि यूएई अपनी खाद्य जरूरतों का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात (Import) करता है, इसलिए ‘Dubai food crisis’ की यह स्थिति वहां रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है।
सप्लाई चेन टूटने से गहराया खाद्य संकट
इस गंभीर संकट के पीछे मुख्य कारण मध्य पूर्व के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों का बाधित होना है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे अहम समुद्री रास्तों पर कमर्शियल जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। मालवाहक जहाजों (Cargo Ships) को सुरक्षा कारणों से लंबा और महंगा रूट लेना पड़ रहा है, जिसके कारण ताजे फल, सब्जियां, डेयरी उत्पाद और मीट जैसी जल्दी खराब होने वाली (Perishable) चीजों की डिलीवरी समय पर नहीं हो पा रही है।
क्या हैं दुबई के पास आपातकालीन विकल्प?
दुबई प्रशासन और शीर्ष लॉजिस्टिक्स कंपनियां इस ‘Dubai food crisis’ से निपटने के लिए आपातकालीन विकल्पों पर तेजी से काम कर रही हैं। समुद्री मार्गों के बजाय अब एयर फ्रेट (Air Freight) के जरिए खाद्य सामग्री मंगाने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, हवाई मार्ग से आयात करने पर लॉजिस्टिक लागत कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों (Inflation) में भारी उछाल आने की पूरी आशंका है।
FEATURED IMAGE ALT TEXT Empty supermarket shelves and halted cargo ships depicting the looming Dubai food crisis amid the global trade disruption caused by the Iran-US war.
