Fake Degree Scam: फ़र्ज़ी डिग्री बेचकर 2.34 करोड़ की ठगी, दिल्ली से मास्टरमाइंड गिरफ़्तार

A conceptual image highlighting the Fake Degree Scam, showing handcuffs on a laptop keyboard alongside fake MBBS degree certificates and bundles of cash.

रोज़गार और शिक्षा के बाज़ार में नौकरी का लालच देकर ठगी करने वालों के ख़िलाफ़ पुलिस ने एक बेहद ताज़ा और सख़्त क़दम उठाया है। ताज़ा Fake Degree Scam (फ़ेक डिग्री स्कैम) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड सुनील प्रताप को दिल्ली के पालम इलाक़े से गिरफ़्तार कर लिया गया है। रोज़ भोले-भाले युवाओं को अपना शिकार बनाने वाले इस गिरोह के ख़िलाफ़ यह एक तेज़ और अहम फ़ैसला है। पुलिस का पूरा ज़ोर अब इस बात पर है कि ठगी का शिकार हुए लोगों को इंसाफ़ मिले और गिरोह के बचे हुए सदस्य भी ज़्यादा जल्द पकड़े जाएं। यह एक ख़ास कामयाबी मानी जा रही है।

2.34 करोड़ की भारी ठगी और फ़र्ज़ी मेडिकल डिग्रियां

गिरफ़्तार आरोपी सुनील प्रताप और उसकी सहयोगी साक्षी सिंह ने मिलकर देश भर के 30 से भी अधिक लोगों को डी. वाई पाटिल विद्यापीठ जैसे संस्थानों की फ़र्ज़ी एमबीबीएस और बीएएमएस डिग्रियां बेची हैं। इस शातिर गिरोह ने पोस्ट ऑफ़िस में नौकरी दिलाने का लालच देकर पीड़ितों से कुल 2.34 करोड़ रुपये की भारी वसूली की थी। पुलिस की साइबर टीम अब वाई-फ़ाई (Wi-Fi) नेटवर्क और मोबाइल कॉल डिटेल्स की मदद से इनके अन्य साथियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

अब तक 6 आरोपी गिरफ़्तार, सख़्त धाराओं में केस दर्ज़

रायपुर की सिविल लाइन पुलिस ने 17 फ़रवरी को संजय निराला की शिकायत पर यह मामला दर्ज़ किया था। इस मामले में अब तक 6 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338(3) और 111 जैसी कई गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज़ किया है। मास्टरमाइंड सुनील प्रताप के पास से मोबाइल और कई फ़र्ज़ी दस्तावेज़ भी बरामद हुए हैं।