ईरान के पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की एक इजरायली हवाई हमले में मौत हो गई है। यह घटना ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने के तुरंत बाद हुई है, जिससे मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति एक व्यापक और खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है।
इजरायली सैन्य अभियान और भारी तबाही
इजरायल ने अमेरिका के सामरिक समर्थन के साथ ईरान पर एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। ईरानी सेना से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान के विभिन्न ठिकानों पर 1200 से अधिक बम गिराए गए हैं। इस हवाई कार्रवाई में ईरान की राजधानी तेहरान सहित देश के 10 प्रमुख शहरों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया।
इन हवाई हमलों में अब तक 200 से अधिक लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इस दौरान एक बेहद दुखद घटना में एक इजरायली मिसाइल सीधे एक स्कूल इमारत पर जा गिरी, जिसमें 140 से अधिक छात्राओं की जान चली गई। अहमदीनेजाद की मौत से ठीक पहले, इजरायल ने अयातुल्ला अली खामेनेई के आधिकारिक कार्यालय परिसर को नष्ट कर दिया था। उस अचूक हमले में खामेनेई, उनके परिवार के कई सदस्य और सेना के 40 शीर्ष कमांडर मारे गए थे।
अहमदीनेजाद का कूटनीतिक और राजनीतिक रुख
महमूद अहमदीनेजाद वर्ष 2005 से 2013 तक ईरान के राष्ट्रपति रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें एक कट्टरपंथी नेता और पश्चिम के कड़े आलोचक के रूप में पहचाना जाता था। उनके शासनकाल में ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम ने तेजी पकड़ी थी, जिसके कारण अमेरिका और इजरायल के साथ तनाव ऐतिहासिक चरम पर पहुंच गया था। अहमदीनेजाद ने सार्वजनिक रूप से इजरायल के अस्तित्व को सिरे से नकारते हुए उसे विश्व मानचित्र से मिटाने की धमकी दी थी।
हालांकि, उनके कुछ कूटनीतिक फैसले अप्रत्याशित भी रहे। रूस और ईरान के ऐतिहासिक रूप से मजबूत संबंधों के बावजूद, अहमदीनेजाद ने यूक्रेन पर रूसी सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी। उन्होंने इसे सीधे तौर पर यूक्रेन की संप्रभुता पर हमला बताया था।
बढ़ता मानवीय संकट और वैश्विक चिंता
ईरान के शीर्ष नेतृत्व के सफाए के बाद पूरे मध्य पूर्व में राजनीतिक शून्यता और युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। इस बीच, ईरान में फंसे विदेशी नागरिकों का संकट भी गहरा गया है। भारत के उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के लोग वहां फंसे हुए हैं। परिजनों का उनसे संपर्क टूट गया है और परिवारों ने भारत सरकार से सुरक्षित निकासी के लिए तत्काल मदद की अपील की है।
