Google spelling mistake: एक छोटी सी स्पेलिंग मिस्टेक से बना दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन

A conceptual image showing the mathematical term 'Googol' transforming into the modern 'Google' logo with a keyboard in the background.

आज के डिजिटल युग में इंटरनेट (Internet) का मतलब ही ‘गूगल’ (Google) बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया की इस सबसे बड़ी टेक कंपनी और सर्च इंजन का नाम दरअसल एक गलती का परिणाम है? टेक इतिहास के सबसे रोचक किस्सों में से एक ‘Google spelling mistake’ (गूगल स्पेलिंग मिस्टेक) की यह कहानी बेहद दिलचस्प है। एक छोटी सी टाइपिंग गलती ने रातों-रात इंटरनेट के इतिहास को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया।

Google spelling mistake: ‘Googol’ से कैसे बना ‘Google’

वर्ष 1997 में, गूगल के संस्थापक लैरी पेज (Larry Page) और सर्गेई ब्रिन (Sergey Brin) अपने सर्च इंजन के लिए एक नए और आकर्षक नाम की तलाश कर रहे थे, जिसे पहले ‘BackRub’ कहा जाता था। उन्होंने नए नाम के लिए गणितीय शब्द ‘Googol’ (गोगोल) को चुना था। ‘Googol’ का अर्थ है 1 के बाद 100 शून्य। संस्थापकों का मुख्य उद्देश्य इस नाम के जरिए यह दर्शाना था कि उनका सर्च इंजन इंटरनेट पर मौजूद असीमित और विशाल जानकारी (Massive Data) को व्यवस्थित करने में पूरी तरह सक्षम है।

डोमेन रजिस्ट्रेशन (Domain Registration) के दौरान हुई चूक

टेक रिपोर्ट्स के अनुसार, जब लैरी पेज अपने साथियों के साथ इस नाम पर विचार कर रहे थे, तब एक साथी (शॉन एंडरसन) ने इंटरनेट पर डोमेन की उपलब्धता चेक करने के लिए सिस्टम पर सर्च किया। टाइपिंग के दौरान गलती से ‘https://www.google.com/search?q=Googol.com’ की जगह सर्च बार में ‘https://www.google.com/search?q=Google.com’ टाइप हो गया। जब लैरी पेज ने इस ‘Google spelling mistake’ को स्क्रीन पर देखा, तो उन्हें यह गलत स्पेलिंग मूल नाम से भी ज्यादा आकर्षक, बोलने में आसान और कैची (Catchy) लगी।

गलती जो बन गई दुनिया का सबसे बड़ा ब्रांड

संस्थापकों ने बिना कोई देरी किए 15 सितंबर 1997 को तुरंत ‘https://www.google.com/search?q=Google.com’ डोमेन रजिस्टर (Domain Register) कर लिया। आज वही एक टाइपो एरर (Typo Error) दुनिया की ट्रिलियन-डॉलर कंपनी और सबसे भरोसेमंद सर्च इंजन है।