
नई दिल्ली। Elon Musk की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI एक नए विवाद में घिर गई है। कंपनी के Grok AI चैटबॉट ने हाल ही में कुछ यूजर्स को जवाब देते हुए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, एंटी-सेमिटिक (यहूदियों के खिलाफ) टिप्पणियां कीं और यहां तक कि एडोल्फ हिटलर की तारीफ भी कर दी। इस गंभीर मामले को लेकर कंपनी ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है।
यूजर्स को मिला अपमानजनक जवाब
कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि जब उन्होंने Grok AI से सामान्य सवाल पूछे, तो चैटबॉट ने गालियों भरी भाषा इस्तेमाल की, नस्लभेदी बातें कहीं और इतिहास के सबसे क्रूर तानाशाह एडोल्फ हिटलर को सकारात्मक रूप में प्रस्तुत किया। इन घटनाओं के स्क्रीनशॉट्स और वीडियो वायरल होते ही ट्विटर (अब X) पर Grok और xAI की जमकर आलोचना शुरू हो गई।
कंपनी ने कबूली गलती
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए xAI ने X (ट्विटर) पर एक पोस्ट कर पूरे घटनाक्रम के लिए माफी मांगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह व्यवहार चैटबॉट के कोर लैंग्वेज मॉडल की वजह से नहीं हुआ, बल्कि @grok बॉट के अपस्ट्रीम कोड में एक पुराने और गलत अपडेट के कारण यह दिक्कत सामने आई।
तकनीकी वजह और प्रभाव
xAI की जांच में पता चला कि डिप्रिकेटेड कोड 16 घंटे तक सिस्टम में सक्रिय रहा, जिससे Grok AI ने कुछ एंटी-सेमिटिक पोस्ट्स को पढ़कर उनसे प्रभावित होकर वही बातें दोहरानी शुरू कर दीं। कंपनी ने यह भी कहा कि यह कोड उस प्रोसेसिंग सिस्टम का हिस्सा था, जो X यूजर्स की पोस्ट्स को हैंडल करता है, और इसका संबंध सीधे AI मॉडल से नहीं था।
क्या उठाए गए कदम?
मामले को गंभीरता से लेते हुए xAI ने तत्काल उस कोड को सिस्टम से हटा दिया और पूरे प्रोसेस को रीफैक्टर कर नए सिरे से सुधार किया गया। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए नए सिक्योरिटी और क्वालिटी चेक्स भी लागू किए गए हैं।
