कांकेर: हार्डकोर माओवादी मल्लेश ने AK-47 के साथ किया आत्मसमर्पण

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता मिली है। माओवादी संगठन में सक्रिय और महत्वपूर्ण पद पर तैनात मल्लेश ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। मल्लेश माओवादी संगठन में डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM) के पद पर कार्यरत था।

  • हथियार के साथ समर्पण: मल्लेश ने अपनी एके-47 (AK-47) राइफल के साथ छोटेबेठिया स्थित बीएसएफ कैंप पहुंचकर आत्मसमर्पण किया।
  • अधिकारियों के समक्ष प्रक्रिया: उसने बीएसएफ की सेक्टर जी ब्रांच और 94वीं वाहिनी के कमांडेंट राघवेंद्र सिंह के समक्ष अपने हथियार डाले।
  • सामाजिक पहल का असर: बताया जा रहा है कि मल्लेश को मुख्यधारा में वापस लाने में स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की अहम भूमिका रही। इन लोगों ने लंबे समय तक मल्लेश और उसके परिवार से चर्चा की, जिसके सकारात्मक परिणाम के रूप में उसने हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया।

मल्लेश का आत्मसमर्पण बस्तर संभाग में माओवादी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब सुरक्षा बल नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी ला रहे हैं। शासन की पुनर्वास नीति और स्थानीय स्तर पर चलाए जा रहे संवाद कार्यक्रमों के चलते नक्सली कैडरों के बीच अलगाव बढ़ रहा है।