Petrol-Diesel Price Today,

जानिए…भारत में क्यों कम नहीं हो रहे पेट्रोल – डीजल के दाम

नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी के चलते कच्चे तेल की कीमत में एतिहासिक गिरावट आई है. लेकिन इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ी कटौती नहीं होगी । इसकी वजह यह बताई जा रही है कि भारत में ईंधन के घरेलू दाम अलग ‘बेंचमार्क’ से तय होते हैं और रिफाइनरियों के पास पहले से कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है, जिससे वे अभी अमेरिकी कच्चे तेल की खरीद नहीं कर रही हैं।

अमेरिकी बाजार में मची उथलपुथल के बीच कच्चे तेल के दाम इस कदर गिरे कि तेल खरीदार उसे उठाने को तैयार नहीं हैं और बेचने वाले को फिलहाल उसे अपने भंडार गृह में रखने को कह रहे हैं। हो सकता है इसके लिये उन्हें भुगतान भी करना पड़े।

बुक ऑर्डर की डिलिवरी नहीं ले पा रहे कारोबारी

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन  के चेयरमैन संजीव सिंह ने बताया कि कारोबारी पहले से बुक किए गए ऑर्डर की डिलिवरी नहीं ले पा रहे हैं, क्योंकि मांग नहीं है। इस वजह से अमेरिका में कच्चे तेल के दाम नीचे आए हैं । वे तेल को विक्रेता की तरफ से उसके भंडार में रखने के लिए उल्टा उसे भुगतान कर रहे हैं ।

सिंह ने कहा, ‘यदि आप जून के वायदा को देखें तो यह सकारात्मक रुख में करीब 20 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।’’ उन्होंने कहा कि कच्चे तेल के निचले दाम लघु अवधि के लिए तो अच्छे हैं, पर दीर्घावधि में यह तेल आधारित अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित करेंगे, क्योंकि उत्पादकों के पास खोज और उत्पादन के लिए निवेश करने को अधिशेष नहीं होगा। इससे अंतत: उत्पादन घटेगा। हालांकि, उन्होंने ईंधन के खुदरा दामों पर कोई टिप्पणी नहीं की, जो 16 मार्च से स्थिर हैं।

दिल्ली में पेट्रोल 69.59 और डीजल 62.29 प्रति लीटर

अंतररष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद पेट्रोलियम कंपनियों ने ईंधन दामों में कटौती नहीं की है। पहले उन्होंने इसे तीन रुपये प्रति लीटर की उत्पाद शुल्क बढ़ोतरी और एक अप्रैल से बेचे जा रहे स्वच्छ भारत चरण-छह ईंधन पर लागत में करीब एक रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के साथ समायोजित किया। दिल्ली में पेट्रोल 69.59 रुपये और डीजल 62.29 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

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