अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक व्यापार काफी प्रभावित हुआ था। हालांकि, हाल ही में घोषित किए गए दो सप्ताह के अस्थायी ‘संघर्ष विराम’ (Ceasefire) के बाद भारत के लिए एक बेहद राहत और खुशी की खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाले Indian LPG Tanker Jag Vikram ने सुरक्षित रूप से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) को पार कर लिया है।
सीजफायर के बाद होर्मुज पार करने वाला पहला जहाज
अस्थायी सीजफायर की घोषणा के बाद ‘जग विक्रम’ इस अहम समुद्री मार्ग से गुजरने वाला पहला भारतीय जहाज बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार:
- जहाज ने शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया।
- शनिवार दोपहर तक यह जहाज पूर्व की ओर बढ़ते हुए होर्मुज के पूर्व में ‘ओमान की खाड़ी’ (Gulf of Oman) में सुरक्षित पहुंच गया था।
- यह एक मध्यम आकार का गैस वाहक जहाज है, जिसकी वहन क्षमता 26,000 टन से अधिक है। अनुमान है कि इस जहाज में करीब 20,000 टन एलपीजी (LPG) मौजूद है।
फंसे हुए भारतीय जहाजों की स्थिति
पश्चिम एशिया में जब तनाव और संघर्ष शुरू हुआ था, तब होर्मुज क्षेत्र में कम से कम 28 भारतीय जहाज मौजूद थे (24 पश्चिमी हिस्से में और 4 पूर्वी हिस्से में)।
मार्च की शुरुआत से अब तक कुल नौ (9) भारतीय जहाज फारस की खाड़ी से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। हालांकि, अभी भी लगभग 15 भारतीय ध्वज वाले जहाज क्षेत्र में रुके हुए हैं और आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित अनुमति या ‘ग्रीन सिग्नल’ की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
भारत के ऊर्जा आयात पर होर्मुज का महत्व
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे प्रमुख और व्यस्त मार्ग है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी मार्ग से होने वाले आयात पर बहुत अधिक निर्भर है।
- भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल आयात करता है।
- लगभग 60% एलपीजी (LPG) और 50% प्राकृतिक गैस (Natural Gas) भी खाड़ी देशों से इसी मार्ग के जरिए भारत पहुंचती है।
तनाव के कारण जब यह मार्ग बाधित हुआ था, तो भारत में वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसे अब सीजफायर के बाद धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है।
