INS कावारत्‍ती नौसेना के बेड़े में शामिल, तस्वीरें भर देंगी देशभक्ति का जोश

नई दिल्ली। थल सेनाध्‍यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवने ने गुरुवार को नौसैनिक डॉकयार्ड, विशाखापतनम में आयोजित एक समारोह में प्रोजेक्‍ट 28 (कामोर्ता क्‍लास) के अंतर्गत निर्मित रेडार से बच निकलने वाले पनडुब्बी रोधी युद्धपोत (एएसडब्ल्यू) आईएनएस कावरत्ती को भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया। समारोह में पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) के वाइस एडमिरल पीवीएसएम, एवीएसएम वीएसएम, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (एफओसी इन सी) अतुल कुमार जैन, गार्डन रीच शिपबिल्‍डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड, कोलकाता (जीआरएसई) के सीएमडी रिअर एडमिरल विपिन कुमार सक्‍सेना (सेवानिवृत्‍त) और अन्‍य गणमान्‍य लोग मौजूद थे। इस तरह देश में बने पनडुब्‍बी रोधी चार युद्धपोतों में से आखिरी आईएनएस कावारत्‍ती को औपचारिक तौर पर नौसेना में शामिल कर लिया गया। जहाज को भारतीय नौसेना के अपने संगठन, नौसेना डिजाइन निदेशालय (डीएनडी) द्वारा डिज़ाइन किया गया है और जीआरएसई ने इसे निर्मित किया है।

जनरल नरवने को नौसैनिक जेटी पर पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उद्घाटन भाषण जीआरएसई, कोलकाता के सीएमडी रिअर एडमिरल सक्‍सेना (सेवानिवृत्‍त) ने दिया। सीईएनसी में एफओसी वाइस एडमिरल अतुल कुमार जैन ने एकत्र जनसमूह को संबोधित किया। इसके बाद कमांडिंग ऑफिसर कमांडर संदीप सिंह ने युद्धपोत को शामिल करने की जानकारी दी। इसके बाद युद्धपोत पर पहली बार नौसेना की पताका फहराई गई और राष्‍ट्रगान के साथ इसे नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया। सेनाध्‍यक्ष ने बाद में इसकी शुरुआत की पट्टिका का अनावरण किया और युद्धपोत राष्‍ट्र को समर्पित किया। उन्‍होंने समारोह में आए लोगों को संबोधित भी किया।

इसका नाम लक्षद्वीप की राजधानी कावारत्‍ती के नाम पर रखा गया है। आईएनएस कावारत्‍ती को भारत में निर्मित हाई ग्रेड डीएमआर 249ए स्‍टील से बनाया गया है। आकर्षक और शानदार इस युद्धपोत की लंबाई 109 मीटर, चौड़ाई 14 मीटर और वजन 3300 टन है और यह भारत में निर्मित सबसे ज्‍यादा प्रभावशाली पनडुब्‍बी रोधी युद्धपोत है। युद्धपोत का सम्‍पूर्ण सुपर ढांचा मिश्रित सामग्री से बनाया गया है। यह चार डीजल इंजनों से लैसहै। युद्धपोत में रेडार से बच निकलने की विशेषता है। रेडार की पकड़ में नहीं आने वाले इस युद्धपोत का शत्रु आसानी से पता नहीं लगा सकेगा।

आईएनएसकावारत्ती में उन्नत ऑटोमेशन सिस्टम जैसे कि टोटल एटमॉस्फेरिक कंट्रोल सिस्टम (टीएसीएस), इंटीग्रेटेड प्लेटफ़ॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम (आईपीएमएस), इंटीग्रेटेड ब्रिज सिस्टम (आईबीएस), बैटल डैमेज कंट्रोल सिस्टम (बीडीसीएस) और पर्सन लोकेटर सिस्टम (पीएलएस) उपलब्ध हैं। युद्धपोत के अधिकतम कार्य करने के लिए आधुनिक और प्रक्रिया-उन्मुख प्रणाली लगी है। अपने सभी उपकरणों के समुद्री परीक्षणों को पूरा करने के बाद, कावारत्ती को भारतीय नौसेना की एएसडब्ल्यू क्षमता को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से तैयार लड़ाकू प्‍लेटफॉर्म के रूप में नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया है।

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