रियाद के CIA बेस पर Iran drone strike: ईरान का बड़ा पलटवार

View of the US embassy in Riyadh, Saudi Arabia after an Iran drone strike on a CIA facility.

खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आंच अब और तेज हो गई है। ईरान ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास के भीतर सीआईए (CIA) बेस को निशाना बनाते हुए एक भीषण ड्रोन हमला किया है। यह कार्रवाई मध्य पूर्व में एक बड़े और विनाशकारी संघर्ष का स्पष्ट संकेत दे रही है।

रियाद में CIA स्टेशन पर Iran drone strike

सोमवार को ईरान की तरफ से दागे गए संदिग्ध ड्रोन्स ने रियाद स्थित अमेरिकी खुफिया एजेंसी के अहम स्टेशन पर अचूक वार किया। यह हमला बीते शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए उस हवाई हमले का सीधा जवाब है, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई मारे गए थे। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई की सटीक लोकेशन सीआईए ने ही इजरायल को मुहैया कराई थी। इसी का प्रतिशोध लेते हुए तेहरान ने सीधे अमेरिकी खुफिया नेटवर्क पर यह जबरदस्त प्रहार किया है।

दूतावास परिसर को पहुंचा भारी नुकसान

इस शक्तिशाली ड्रोन स्ट्राइक के कारण सीआईए स्टेशन का एक बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक आंतरिक अलर्ट से यह खुलासा हुआ है कि हमले के बाद पूरा दूतावास परिसर धुएं से भर गया और वहां व्यापक ढांचागत नुकसान हुआ है। हालांकि अमेरिका और सऊदी अरब ने आधिकारिक तौर पर दूतावास परिसर पर हमले की बात मानी है, लेकिन सीआईए स्टेशन को हुए वास्तविक नुकसान की जानकारी को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए गोपनीय रखा गया है।

विद्रोह भड़काने की साजिश और ईरान की सख्ती

ईरान का यह पलटवार केवल बदला नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम भी है। जानकारी के अनुसार, सीआईए इराक-ईरान सीमा पर सक्रिय कुर्द लड़ाकों को हथियार देकर ईरान के भीतर गृह युद्ध भड़काने की गुप्त योजना बना रही थी। इस खुफिया साजिश की भनक लगते ही ईरान की सेना आक्रामक हो गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि ईरान अपने पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य और खुफिया ठिकानों पर इतनी त्वरित और विध्वंसक जवाबी कार्रवाई करेगा।