पश्चिम एशिया में तनाव अब पूरी तरह से बेक़ाबू होता नज़र आ रहा है। ताज़ा Iran-Israel War (ईरान-इज़रायल वॉर) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ (Strait of Hormuz) में इज़रायल से जुड़े एक कमर्शियल जहाज़ पर ख़तरनाक ड्रोन हमला कर दिया है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, इस सख़्त हमले के बाद जहाज़ में भयंकर आग लग गई। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड नेवी (IRGC) के एक कमांडर ने आधिकारिक तौर पर इस बड़े हमले की ज़िम्मेदारी ली है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में भारी दहशत फैल गई है।
Iran-Israel War: ‘MSC Ishyka’ जहाज़ को बनाया गया निशाना
ईरानी वेबसाइट ‘सेपाह न्यूज़’ पर गार्ड्स ने ख़ुलासा किया कि उन्होंने बहरीन के खलीफ़ा बिन सलमान बंदरगाह के पास कमर्शियल जहाज़ ‘MSC Ishyka’ पर यह सख़्त हमला किया है। यह जहाज़ इज़रायली शासन के मालिकाना हक़ वाला बताया जा रहा है, जिस पर सुरक्षा के लिए लाइबेरिया का झंडा लगा हुआ था। 28 फ़रवरी से शुरू हुई इस ख़तरनाक जंग में ईरान, अमेरिका और इज़रायल के ख़िलाफ़ लगातार बेहद आक्रामक और सख़्त क़दम उठा रहा है। ग़ौरतलब है कि ईरान पहले ही एक अमेरिकी फ़ाइटर जेट भी मार गिरा चुका है।
होर्मुज़ स्ट्रेट (Hormuz Strait) में बढ़ा वैश्विक तेल संकट
लगातार हो रहे इन भीषण हमलों के कारण दुनिया भर में भारी तेल संकट पैदा होने का सख़्त ख़तरा मंडरा रहा है। ईरान ने शुरुआत में इस रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया था, लेकिन बाद में भारत जैसे कुछ मित्र देशों के लिए इसे खोल दिया गया। ईरान का साफ़ कहना है कि अमेरिका और इज़रायल जैसे ‘दुश्मन’ देश अभी भी उनके सख़्त निशाने पर बने हुए हैं।
भारतीय जहाज़ ‘ग्रीन सांव्वी’ (Green Saanvi) सुरक्षित गुज़रा
इस भयंकर युद्ध और तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की ख़बर आई है। भारत सरकार के जहाज़रानी मंत्रालय ने पुष्टि की है कि एलपीजी (LPG) ले जा रहा भारत के झंडे वाला बड़ा टैंकर ‘ग्रीन सांव्वी’ होर्मुज़ स्ट्रेट से बिल्कुल सुरक्षित रूप से गुज़र गया है। इस जहाज़ पर क़रीब 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी और 25 भारतीय नाविक सवार थे।
