रायपुर. भारत में खेल प्रतिभाओं को निखारने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की है कि देश के पहले ‘Khelo India Tribal Games 2026’ की मेजबानी छत्तीसगढ़ करेगा। यह भव्य खेल आयोजन जमीनी स्तर से आदिवासी प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें सीधा राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है।
Khelo India Tribal Games 2026: कब और कहाँ होंगे मुकाबले?
आधिकारिक खेल मंत्रालय की घोषणा के अनुसार, इन खेलों का आयोजन 26 मार्च से 6 अप्रैल 2026 के बीच किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख शहरों—रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा—का चयन किया गया है। देश के लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आदिवासी एथलीट इन तीन शहरों में अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन का एक अहम हिस्सा है।
7 पदक खेल और ‘मोरवीर’ शुभंकर
इन ट्राइबल गेम्स में कुल सात खेलों को पदक स्पर्धाओं के रूप में शामिल किया गया है। इनमें एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती शामिल हैं। इसके अलावा मल्लखंब और कबड्डी को ‘डेमोंस्ट्रेशन स्पोर्ट्स’ (प्रदर्शन खेल) के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।
इस आयोजन का आधिकारिक शुभंकर (Mascot) ‘मोरवीर’ (Morveer) रखा गया है, जिसका अनावरण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किया जा चुका है। यह शुभंकर राज्य की आदिवासी संस्कृति और साहस का उत्कृष्ट प्रतीक है।
खेल संस्कृति और आदिवासी सशक्तिकरण
इन खेलों का मुख्य उद्देश्य सुदूर और आदिवासी क्षेत्रों से टैलेंट पूल को मजबूत करना है। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), भारतीय ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ राज्य आयोजन समिति मिलकर इस ‘Khelo India Tribal Games 2026’ का प्रबंधन करेंगे। इसके जरिए युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल ढांचे में एकीकृत कर अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जाएगा।
