छत्तीसगढ़ में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य की रिक्त हुई राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अधिकृत उम्मीदवार लक्ष्मी वर्मा ने गुरुवार को विधानसभा परिसर में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। यह ‘Laxmi Verma Rajya Sabha nomination’ प्रदेश की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम है, जो भाजपा के मजबूत संख्या बल और महिला सशक्तिकरण की रणनीति को दर्शाता है।
Laxmi Verma Rajya Sabha nomination: सीएम रहे मौजूद
राजधानी रायपुर स्थित विधानसभा भवन में रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष लक्ष्मी वर्मा ने अपने नामांकन के दस्तावेज (Nomination Papers) विधिवत रूप से सौंपे। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री विशेष रूप से उपस्थित रहे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लक्ष्मी वर्मा के नाम की आधिकारिक घोषणा के बाद से ही संगठन में भारी उत्साह है।
जमीनी नेता पर पार्टी आलाकमान का भरोसा
छत्तीसगढ़ की राजनीति में लक्ष्मी वर्मा एक जाना-माना और अनुभवी चेहरा हैं। संगठन में उनके लंबे समय के योगदान को देखते हुए ही केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर यह बड़ा भरोसा जताया है। प्रदेश में महिला कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में उनके समर्पण को इस टिकट का मुख्य आधार माना जा रहा है। उनके उच्च सदन (Rajya Sabha) में जाने से राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के विकास संबंधी मुद्दों को अधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
निर्विरोध निर्वाचन की प्रबल संभावना
वर्तमान छत्तीसगढ़ विधानसभा के संख्या बल (Number Game) पर नजर डालें, तो भारतीय जनता पार्टी बेहद मजबूत स्थिति में है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पास अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त आंकड़े (विधायक) मौजूद नहीं हैं। इस स्पष्ट समीकरण को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस ‘Laxmi Verma Rajya Sabha nomination’ के बाद उनका निर्विरोध (Unopposed) चुना जाना लगभग तय है। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद ही होगी।
