छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही लाखों महिलाओं के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। राज्य सरकार ने इस योजना की आगामी किस्तों का निर्बाध लाभ प्राप्त करने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस संबंध में अहम जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश भर की लाभार्थी महिलाएं 30 जून तक अपना e-KYC जरूर करा लें।
e-KYC कराने से मिलेंगे रुके हुए पैसे
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में 30 जून तक ई-केवाईसी की प्रक्रिया जारी रहेगी। जिन महिलाओं की किस्त किसी कारणवश रुकी हुई है, उन्हें e-KYC पूरा होने के बाद उनके रुके हुए पैसे एक साथ उनके बैंक खाते में मिल जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में योजना के लिए e-KYC की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क (फ्री) है और इसके लिए महिलाओं से कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंचायत भवन और वार्ड कार्यालयों में भी इसकी विशेष व्यवस्था की गई है।
कैसे और कहां कराएं अपना e-KYC?
महतारी वंदन योजना की पात्र महिलाएं अपने नजदीकी निर्धारित केंद्रों पर जाकर बेहद आसानी से अपना ई-केवाईसी पूरा करा सकती हैं:
- कहां जाएं: कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), आंगनबाड़ी केंद्र, वार्ड ऑफिस या पंचायत कार्यालय।
- जरूरी दस्तावेज: इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए महिलाओं को अपना आधार कार्ड देना होगा।
- मोबाइल नंबर: आपका आधार कार्ड आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है।
- बायोमेट्रिक सत्यापन: e-KYC प्रक्रिया के दौरान पात्र महिलाओं का फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन (आंखों की पुतली का स्कैन) किया जाएगा।
योजना की 26वीं किस्त हो चुकी है जारी
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में महतारी वंदन योजना की 26वीं किस्त जारी कर दी है। इस नवीनतम किस्त के तहत राज्य की 68.48 लाख महिलाओं के बैंक खातों में कुल 641.62 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
इस बार की सबसे खास बात यह रही कि बस्तर संभाग के अत्यंत दूरदराज और घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में संचालित ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत आने वाले गांवों की 7773 महिलाओं तक भी इस 26वीं किस्त का सीधा लाभ सफलतापूर्वक पहुंचाया गया है।
