आज के डिजिटल युग में यूपीआई (UPI) हमारी दिनचर्या का एक बेहद अहम हिस्सा बन चुका है। नकद पैसे रखने के बजाय लोग Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप्स का इस्तेमाल धड़ल्ले से कर रहे हैं। लेकिन, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने और बैंकिंग सर्वर का लोड कम करने के लिए भुगतान प्रणाली में कुछ बड़े बदलाव किए हैं। यह ‘major change for upi users’ आपके रोजाना के डिजिटल लेन-देन के तरीके को पूरी तरह से बदल देगा।
Google Pay और PhonePe पर लागू हुए नए नियम
NPCI के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, डिजिटल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन सभी यूपीआई आईडी (UPI IDs) को निष्क्रिय (Deactivate) किया जा रहा है, जिनका इस्तेमाल पिछले एक साल से बिल्कुल नहीं हुआ है। इसके अलावा, अगर कोई नया यूजर अपना नया यूपीआई अकाउंट बनाता है, तो वह पहले 24 घंटों में अधिकतम केवल 5,000 रुपये तक का ही ट्रांजैक्शन कर सकेगा। यह कदम साइबर फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए उठाया गया है।
ऑटो-पेमेंट (Auto-Pay) और बैलेंस चेक की नई लिमिट
बैंकिंग सर्वर पर पड़ने वाले अत्यधिक लोड को कम करने के लिए भी सख्त कदम उठाए गए हैं। अब कोई भी यूजर ऐप पर एक दिन में अधिकतम 50 बार ही अपना बैंक बैलेंस चेक कर सकेगा। सबसे बड़ा बदलाव ‘ऑटो-पेमेंट’ को लेकर हुआ है। आपकी EMI, सब्सक्रिप्शन या बिलों के लिए सेट किए गए ऑटो-डेबिट अब पीक आवर्स (भीड़भाड़ वाले समय) में प्रोसेस नहीं होंगे। ये पैसे अब सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे के बीच, या रात 9:30 बजे के बाद ही कटेंगे।
सुरक्षित और तेज होगा डिजिटल ट्रांजैक्शन
इन नियमों का मुख्य उद्देश्य यूपीआई ट्रांजैक्शन को अधिक सुरक्षित और त्वरित बनाना है। हालांकि सामान्य लेन-देन की दैनिक सीमा 1 लाख रुपये ही है, लेकिन अस्पताल, शिक्षण संस्थानों और टैक्स भुगतान के लिए इस सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है।
