नई दिल्ली. मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण युद्ध ने पूरी दुनिया की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस बिगड़ते हालात को देखते हुए, भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली में एक विशेष नियंत्रण कक्ष (Control Room) स्थापित किया है और संकट में फंसे भारतीयों के लिए ‘MEA emergency helpline’ नंबर जारी किए हैं।
भारतीयों की सुरक्षा के लिए MEA emergency helpline
पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रहे हमलों के कारण वहां रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिकों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी है कि स्थिति की निगरानी और आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए विदेश मंत्रालय में एक विशेष कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। यह कंट्रोल रूम सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक काम करेगा। संकट में फंसे भारतीयों के लिए टोल-फ्री नंबर (1800118797) और अन्य संपर्क सूत्र जारी किए गए हैं, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में सीधे भारत सरकार से संपर्क कर सकें।
मिडिल ईस्ट के दूतावासों का हाई अलर्ट
MEA के साथ-साथ ईरान, इजरायल, बहरीन, इराक, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत कई देशों में स्थित भारतीय दूतावासों ने भी अपने-अपने स्तर पर 24 घंटे काम करने वाले आपातकालीन संपर्क नंबर सक्रिय कर दिए हैं। सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सतर्कता बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और अपने दूतावास के संपर्क में रहने की सख्त हिदायत दी गई है।
कैसे मिलेगी तत्काल मदद और क्या है सरकार की रणनीति?
किसी भी आपातकालीन स्थिति में फंसे भारतीय नागरिक विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए इन विशेष नंबरों और व्हाट्सएप पर संपर्क कर सकते हैं। सरकार लगातार संबंधित देशों के अधिकारियों के साथ कूटनीतिक संपर्क में है। वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर भी भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है और सभी पक्षों से शांति बहाल करने की अपील की है। सरकार की यह पहल युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे लोगों और भारत में उनके परिजनों के लिए एक बड़ी राहत है।
