MSP कौन तय करेगा कार्पोरेट घराने या सरकार : कुलदीप बिश्नोई

हिसार।कांग्रेस केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य कुलदीप बिश्नोई ने आज सवाल किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) वास्तव में कौन तय करेगा, कापोर्रेट घराने या सरकार?

उन्होंने यहां जारी बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के कृषि संबंधित दो विधेयकों को कानूनी अमली जामा पहनाने के लिए राज्यसभा में जिस अलोकतांत्रिक तरीके से विपक्ष की आवाज़ को दबाकर ध्वनिमत से पारित कराया गया, उससे लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंची है।

श्री बिश्नोई ने कहा कि वह भी संसद सदस्य रहे हैं और संसदीय परंपराओं के अनुसार अगर विपक्षी पार्टियों के सदस्य किसी अहम विधेयक पर मत विभाजन की मांग करते हैं तो उनकी भावनाओं का सम्मान करना व उन्हें संरक्षण प्रदान करना सभापति का प्रमुख दायित्व है।

उन्होंने कहा कि देश का किसान अपने भविष्य के प्रति आशंकित है और वह सड़कों पर उतर कर सरकार से अपनी आजीविका को पूंजीपतियों के चंगुल से मुक्त करवाने की गुहार लगा रहा है। उन्होंने कहा कि देश का किसान यह जानने को उत्सुक हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य कौन तय करेगा? देश के कॉर्पोरेट घराने या सरकार।

श्री बिश्नोई ने आरोप लगाया कि एमएसपी के नाम पर देश के किसानों को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्री ने 18 सितंबर को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा था कि एमएसपी इसलिए अनिवार्य नहीं हो सकता है, क्योंकि यह व्यापारी और किसान के बीच में करार है।

किसान और प्रोसेसर मिलकर फसल की कीमत तय करेंगे। उन्होंने सवाल किया कि एमएसपी के बारे में भाजपा सरकार गुमराह कर रही है या केन्द्रीय कृषि मंत्री, यह भ्रम की स्थिति देश को स्पष्ट की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जो भी प्रोसेसर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दामों पर खरीद करता है उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया जाए और किसानों का न्यायालय में जाने का अधिकार बहाल किया जाए।(एजेंसी)

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