टी20 वर्ल्ड कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला भारत और इंग्लैंड के बीच मुंबई के मशहूर वानखेड़े स्टेडियम में 5 मार्च को खेला जाना है। लेकिन इस महामुकाबले से ठीक पहले वानखेड़े की ‘mystery green pitch’ (ग्रीन मिस्ट्री पिच) ने क्रिकेट फैंस और दोनों टीमों की रणनीतियों में खलबली मचा दी है। आमतौर पर रनों की बारिश के लिए मशहूर इस मैदान पर घास का दिखना एक नए रोमांच की ओर इशारा कर रहा है।
वानखेड़े की पिच पर दिखी घास की परत
वानखेड़े स्टेडियम को अपनी सख्त, सूखी पिच और छोटी बाउंड्री के लिए जाना जाता है, जहां 180-190 का स्कोर भी सुरक्षित नहीं होता। लेकिन सेमीफाइनल से पहले जो पिच की झलक सामने आई है, उस पर घास की अच्छी-खासी परत दिखाई दे रही है। यह mystery green pitch नई गेंद से तेज गेंदबाजों को सीम और स्विंग का भरपूर फायदा दे सकती है। अगर मैच के दिन तक यह घास नहीं हटाई गई, तो शुरुआती 4-5 ओवर बल्लेबाजों के लिए कड़ा इम्तिहान साबित होंगे।
अमेरिका के खिलाफ भी दिखा था ऐसा ही नजारा
मौजूदा वर्ल्ड कप में वानखेड़े की पिच का यह रूप पहले भी देखा जा चुका है। अमेरिकी तेज गेंदबाजों ने इसी मैदान पर सीम मूवमेंट और उछाल का फायदा उठाते हुए भारतीय टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया था। तब भारत का स्कोर 12.4 ओवर में 6 विकेट पर 77 रन हो गया था, जिसे बाद में सूर्यकुमार यादव की 84 रनों की पारी ने संभाला। इंग्लैंड के खिलाफ भी अगर पिच ऐसी ही रही, तो बल्लेबाजों को आक्रामक शॉट्स खेलने से पहले संभलकर बैटिंग करनी होगी।
क्या मैच के दिन बदलेगा पिच का मिजाज?
चूंकि यह टी20 वर्ल्ड कप का अहम सेमीफाइनल है और मेजबान देश खेल रहा है, इसलिए क्रिकेट पंडितों का मानना है कि क्यूरेटर पिच से घास को अंतिम समय में हटा सकते हैं। वानखेड़े की पहचान एक हाई-स्कोरिंग मैदान की रही है और दर्शक 200 प्लस का मुकाबला देखने आते हैं। ऐसे में संभावना है कि मैच के दिन पिच सख्त और सूखी नजर आए, जिससे बल्ले और गेंद के बीच बराबरी की टक्कर देखने को मिले।
