Nag के सफल परीक्षण के बाद सेना में शामिल होने का रास्ता साफ

जैसलमेर। तीसरी पीढ़ी की अत्याधुनिक एंटी टैंक मिसाइल नाग का आज राजस्थान में जैसलमेर जिले के पोकरण फील्ड फायरिग रेंज में सफल परीक्षण किया गया। सूत्रों ने बताया कि आज के परीक्षण के साथ ही इसके सभी परीक्षण पूरे हो गये हैं, इसके साथ ही इसके सेना में शामिल होने का रास्ता प्रशस्त हो गया है।

कल रात औैर गुरुवार सुबह किए गए सभी परीक्षण एकदम सटीक रहे। नाग मिसाइल का परीक्षण डी.आर.डी.ओ एवं सेना के अधिकारियों की देखरेख में किया गया। यह मिसाइल सेना की ओर से तय मापदंडों पर पूरी तरह खरी उतरी। इसके कुल तीन परीक्षण किये गए जिनमें बुधवार को एक, एक कल रात और तीसरा और अंतिम परीक्षण गुरुवार सुबह किया गया।

सूत्रों ने बताया कि दागो एवं भूल जाओ वाली एंटी टैंक मिसाइल नाग के सभी परीक्षण सफल रहे और नाग ने लक्ष्य पर अचूक निशाना लगाया। इस एंटी टैंक गाईडेड मिसाईल में अलग परिस्थितियों में लक्ष्य को तबाह करने की क्षमता है। इस मिसाईल में इमेजिग इन्फ्रारेड सीकर्स में और सुधार किया गया हैं जो मिसाईल छोड़ने के बाद लक्ष्य तक जाने का मार्गदर्शन करते हैं। इससे पहले इन्फ्रा रेड सीकर्स को लक्ष्य और उसके आसपास के इलाकों को गर्म तापमान में पहचान करने में कुछ दिक्कत आ रही थी। इसलिए इस मिसाईल में अब उच्च सेनसिटिव डिटेक्टर्स लगाये गये जिसे वे हीट और इन्फ्रारेड सिग्नल को भांप सकें।

डी.आर.डी.ओ के सूत्रों ने बताया कि दागो और भूल जाओ वाली इस मिसाईल की कई खूबियां हैं जिसमें इमेज के जरिये संकेत मिलने पर इसे दागने के बाद ये दुश्मन के टेंक का पीछा करते हुए उसे तबाह कर देगी। नाग मिसाईल को पहाड़ी पर या एक जगह से दूसरी जगह मेकेनाईज्ड इन्फेन्ट्री कॉम्बैट वीकल के जरिये कही भी ले जाया जा सकता हैं। इस मिसाईल में इमेजिग इन्फ्रारेड आई.आई.आर लगा होता हैं जो मिसाईल को अपने चलायमान लक्ष्य को भी भेदने में गाईड करता है। सूत्रो ने बताया कि मिसाईल को डीआरडीओ की हैदराबाद लैब में विकसित किया हैं, इस पर अब तक 35० करोड़ से ज्यादा का बजट लग चुका हैं। इस मिसाईल को दिन एवं रात में इस्तेमाल किया जा सकता है।

वैज्ञानिकों की उपस्थिति में सेना ने इसकी मारक क्षमता जांची गई। इस क्षेत्र में अलग-अलग मौसम में नाग मिसाइल के पहले भी परीक्षण किए जा चुके है। रक्षा मंत्रालय नाग मिसाइल को सेना के लिए खरीदने का ऑर्डर पहले ही दे चुका है। नाग मिसाइल के उन्नत वर्जन में इंफ्रारेड सिस्टम लगाया गया है। पांच सौ मीटर से लेकर पांच किलोमीटर की दूरी तक मार कर ने वाली यह मिसाइल एक बार में आठ किलोग्राम वारहैड लेकर जाती हैं। 42 किलोग्राम वजन वाली नाग मिसाइल 1.9० मीटर लम्बी होती हैं। यह 23० मीटर प्रति सैकंड की रफ्तार से अपने लक्ष्य पर प्रहार करती है। नाग मिसाइल दागने वाले कैरियर को नेमिका कहा जाता है। ऊंचाई पर जाकर यह टैंक के ऊपर से हमला करती हैं। रणक्षेत्र में सैनिक शत्रु के टैंक को देखने के बाद उन्हें उड़ाने के लिए नाग मिसाइल दागते हैं।(एजेंसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink titan jel titan jel kilo verme bahçe dekorasyonu bahçe dekorasyonu evde ek gelir evde ek gelir eskişehir haber eskişehir haber sondakika haberleri sondakika haberleri magazin haberleri magazin haberleri kayseri escort kayseri escort deneme bonusu veren bahis siteleri deneme bonusu veren bahis siteleri Adana Escort Adana Escort Adiyaman Escort Adiyaman Escort Afyon Escort Afyon Escort Ağrı Escort Ağrı Escort Aksaray Escort Aksaray Escort porno izle porno izle sisli escort sisli escort seo sorgulama seo sorgulama site analiz site analiz seo analiz seo analiz google sıra bulucu google sıra bulucu backlink sorgulama backlink sorgulama sunucu tarama sunucu tarama çekiliş çekiliş çekiliş sitesi çekiliş sitesi Who is Who is html kod şifreleme html kod şifreleme seo seo kayseri escort kayseri escort