NGT ने बिहार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मोबाइल टॉवर संबंधी दिशा-निर्देश बनाने को कहा

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सोमवार को बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मोबाइल टॉवर लगाने तथा उसके दुष्प्रभावों के बारे में तीन महीने के भीतर दिशा-निर्देश बनाने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति एसपी वांगड़ी तथा विशेषज्ञ सदस्य डॉ. नगीन नंदा की पीठ ने कहा कि वैसे तो राज्य के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मोबाइल टॉवरों के कारण होने वाली परेशानी से निपटने के लिए कदम उठाने शुरू किए हैं, लेकिन इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं हैं।

राज्य सरकार ने पीठ को सूचित किया कि बिहार संचार टॉवर एवं संबंधित ढांचा नियम, 2०12 अधिसूचित किया गया है और नियम तीन एवं चार में कहा गया है कि संचार टॉवर केवल व्यावसायिक इमारतों या खाली भूमि पर लगाने की इजाजत दी जाएगी। इसमें यह भी कहा गया है कि ऐसे टॉवर स्कूल, कॉलेज अथवा अस्पताल के सौ मीटर के दायरे में नहीं लगाए जाएंगे।
इस पर पीठ ने कहा, ''इस जानकारी के बाद इस मामले को लंबित रखने की आवश्यकता नहीं है, हां बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यह निर्देश जरूर दिया जाता है कि वह दिशा-निर्देश बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाए।

अधिकरण बिहार निवासी अभिजीत सिन्हा की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें अन्य राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों की तरह ही राज्य में मोबाइल टॉवर लगाने से संबंधित दिशा-निर्देश बनाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था। (एजेंसी)

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