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निर्भया के गुनहगारों को इस दिन हो सकती है फांसी

नई दिल्ली. निर्भया के गुनहगार इन दिनों देश के कानून का जमकर दुरुउपयोग करने की कोशिशों में लगे हैं, आज 17 फरवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया के गुनहगार मुकेश कुमार की दया याचिका को भी खारिज कर दिया है । दोषी मुकेश कुमार की यह याचिका मंगलवार शाम को राष्ट्रपति को भेजी गई थी।

इस मामले में अगर बाकी बचे दोषी दया याचिका नहीं लगाते हैं. तो 14 दिन बाद चारों दुष्कर्मियों को फांसी दी जा सकती है । इस मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह 7 बजे तिहाड़ जेल में फांसी देने का डेथ वॉरंट जारी कर दिया था। इस पर दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि दया याचिका लंबित रहने तक किसी भी दोषी को फांसी नहीं दी जा सकती ।

दोषी मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति से खारिज होने के बाद भी चारों दोषियों को डेथ वॉरंट में तय तारीख 22 जनवरी को फांसी नहीं होगी। इसकी मुख्य रूप से दो वजहें हैं. एक दिल्ली प्रिजन मैनुअल के 837वें पॉइंट के मुताबिक, अगर एक ही मामले में एक से ज्यादा दोषियों को फांसी की सजा मिली है और इनमें से एक भी अपील करता है तो इस स्थिति में सभी दोषियों की फांसी पर तब तक रोक लगी रहेगी, जब तक अपील पर फैसला नहीं हो जाता।

दूसरी इस तरह अगर निर्भया के बाकी तीन दोषियों में से कोई एक दोषी भी दया याचिका लगाता है तो फांसी टलती रहेगी। अगर बाकी तीनों दोषी दया याचिका नहीं लगाते हैं तो आज से 14 दिन बाद चारों को फांसी पर चढ़ाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी स्थिति में दोषियों के लिए 14 दिन का वक्त तय किया है, जो दोषियों को दोस्तों-रिश्तेदारों से मिलने और जरूरी कामों को निपटाने के लिए मिलता है।

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