छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों को नक्सलवाद के ख़िलाफ़ एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक क़ामयाबी मिली है। ताज़ा Papa Rao Surrender Bastar (पापा राव सरेंडर बस्तर) अपडेट के अनुसार, शीर्ष नक्सली कमांडर पापा राव के सरेंडर ने पूरे नक्सल नेटवर्क की कमर तोड़ कर रख दी है। इस बड़े सरेंडर को राज्य में चल रहे सख़्त एंटी-नक्सल अभियान का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
Papa Rao Surrender Bastar: मुख्यमंत्री (Chief Minister) और गृह मंत्री की प्रतिक्रिया
इस भारी सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुरक्षाबलों की जमकर तारीफ़ की है। Papa Rao Surrender Bastar की इस अहम् ख़बर पर मुख्यमंत्री ने साफ़ कहा कि सरकार की सख़्त नीतियों और जवानों के ज़बरदस्त प्रहार से नक्सलवाद की जड़ें पूरी तरह हिल गई हैं। उप मुख्यमंत्री ने इसे बस्तर में शांति की ओर एक ज़रूरी क़दम बताया है। इस सरेंडर से यह स्पष्ट हो गया है कि अब बड़े नक्सली कैडर भी ख़ौफ़ में हैं और मुख्यधारा से जुड़ने का फ़ैसला कर रहे हैं।
बस्तर (Bastar) में नक्सल आधार के ढहने के प्रमाण
पापा राव जैसे कुख्यात नक्सली का हथियार डालना महज़ एक सामान्य सरेंडर नहीं है, बल्कि यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि घने जंगलों में अब नक्सलियों का आधार तेज़ी से ख़त्म हो रहा है। प्रशासन का यह स्पष्ट मक़सद है कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास की बेहतरीन नीतियां ज़मीनी स्तर पर लागू की जाएं।
शांति और विकास (Peace and Development) की नई रफ़्तार
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस सरेंडर के बाद माओवादियों के हौसले पूरी तरह पस्त हो जाएंगे। बस्तर के दूरस्थ आदिवासी इलाक़ों में अब विकास कार्यों की रफ़्तार और ज़्यादा तेज़ होगी, जिससे आम जनता को सीधा फ़ायदा मिलेगा और प्रदेश प्रगति की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ेगा।
