राजनीतिक बाज़ार में इन दिनों एक बेहद ताज़ा न्यूज़ सामने आई है। ताज़ा Pawan Khera FIR (पवन खेड़ा एफ़आईआर) न्यूज़ अपडेट के अनुसार, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के ख़िलाफ़ असम पुलिस ने सख़्त और तेज़ क़दम उठाया है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक़, पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां पर एक से ज़्यादा (3) विदेशी पासपोर्ट रखने का गंभीर आरोप लगाया था। उनका दावा था कि इनका ज़िक्र चुनावी हलफनामे में नहीं है। रोज़ चल रही इस जंग के बीच मुख्यमंत्री ने पूरा ज़ोर लगाकर चेतावनी दी है कि पुलिस उन्हें पाताल से भी ढूंढ निकालेगी। इस कार्रवाई के बाद हलचल ज़्यादा बढ़ गई है, जिसे प्रशासन का एक ख़ास फ़ैसला माना जा रहा है।
BNS की 14 धाराओं के तहत सख़्त केस
असम पुलिस ने पवन खेड़ा के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी और आपराधिक साज़िश से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 14 गंभीर धाराओं में एफ़आईआर दर्ज़ की है। इसमें धारा 175 के तहत चुनाव को प्रभावित करने के लिए झूठे बयान देना और धारा 318 के तहत धोखाधड़ी करना शामिल है। धारा 337 और 338 के अंतर्गत सरकारी दस्तावेज़ों में जालसाज़ी करने पर 7 से 10 साल तक की जेल का स्पष्ट प्रावधान है।
सज़ा के गंभीर प्रावधान और आगे की कार्रवाई
इस मामले में धारा 356 (मानहानि) और धारा 61(2) (आपराधिक साज़िश) भी लगाई गई है। अगर दस्तावेज़ों में जालसाज़ी क़ानूनी तौर पर साबित होती है, तो आजीवन कारावास तक की सज़ा हो सकती है। पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली में पवन खेड़ा के आवास पर तलाशी भी ली थी। इन नियमों और पुलिस के एक्शन से साफ़ है कि अब बिना किसी छूट के क़ानूनी प्रक्रिया को पूरी रफ़्तार से अंजाम दिया जा रहा है।
