कतर के झटके से Petronet LNG share price में 10% गिरावट

A downward stock market chart over a background of a Qatar LNG plant, depicting the fall in Petronet LNG shares.

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब भारतीय शेयर बाजार और ऊर्जा क्षेत्र पर दिखने लगा है। बुधवार को देश की प्रमुख गैस आयातक कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी के शेयरों (Petronet LNG share price) में 10% से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट कतर द्वारा भारत को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में कटौती करने की अचानक घोषणा के बाद आई है।

कतर के LNG प्लांट पर हमला और ‘फोर्स मेज्योर’

हाल ही में ईरान द्वारा कतर के एक प्रमुख एलएनजी (LNG) प्लांट पर ड्रोन हमला किया गया था। इस अप्रत्याशित हमले के कारण कतर में गैस उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कतर ने भारत की गैस आपूर्ति पर ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) लागू कर दिया है। पेट्रोनेट एलएनजी ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि कतरएनर्जी ने अपने तीन टैंकरों के लिए यह नोटिस जारी किया है। इस खबर के आते ही शुरुआती कारोबार में बीएसई (BSE) पर पेट्रोनेट का शेयर लुढ़ककर 273 रुपये पर आ गया।

भारतीय उद्योगों पर मंडराता ऊर्जा संकट

भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% एलएनजी खाड़ी देश कतर से आयात करता है। कतर से सप्लाई रुकने और होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते सुरक्षित आवाजाही प्रभावित होने से भारतीय उद्योगों को दी जाने वाली गैस सप्लाई में 10% से 40% तक की भारी कटौती की गई है। हालांकि, आम जनता को फौरी राहत देते हुए सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) की खुदरा बिक्री को फिलहाल इस कटौती से बाहर रखा गया है।

गेल (GAIL) और आईओसी (IOC) की अगली रणनीति

इस संकट से निपटने के लिए पेट्रोनेट ने अपने प्रमुख खरीदारों, गेल और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), को अलर्ट कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, ये गैस विपणन कंपनियां अब हाजिर बाजार (Spot Market) से महंगी गैस खरीदने के विकल्पों पर विचार कर रही हैं। वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आए इस भारी उछाल से आने वाले दिनों में भारत के ऊर्जा बजट और अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव पड़ना तय है।